Nifty Outlook: निफ्टी फिर 26000 के नीचे फिसला, अब 17 दिसंबर को कैसी रहेगी चाल? जानिए एक्सपर्ट से – nifty slips below 26000 again what to expect on 17 december key support resistance levels explained by experts

Nifty Outlook: कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में दबाव बना रहा। निफ्टी एक बार फिर 26,000 के अहम स्तर के पास टिक नहीं पाया और लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की। दिन के अंत में निफ्टी 167 अंक टूटकर 25,860 पर बंद हुआ।

अब बुधवार 17 दिसंबर को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे, इसे एक्सपर्ट से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि मंगलवार को बाजार में क्या खास हुआ और अब किन अहम फैक्टर पर नजर रहेगी।

पूरे दिन बिकवाली हावी

निफ्टी ने दिन की शुरुआत करीब 75 से 76 अंकों की गिरावट के साथ की। इसके बाद लगभग पूरे सत्र में बिकवाली का दबाव बना रहा। आखिरी समय में हल्की रिकवरी जरूर दिखी, लेकिन इसके बावजूद इंडेक्स दिन के निचले स्तर के आसपास ही बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप ज्यादा कमजोर

बाजार की गिरावट व्यापक रही। निफ्टी के 50 में से 38 शेयर लाल निशान में बंद हुए। ब्रॉडर मार्केट पर ज्यादा असर दिखा। Nifty Midcap 100 में 0.93 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि Nifty Smallcap 100 भी 0.9 प्रतिशत टूट गया।

टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स

निफ्टी में Bharti Airtel, Titan और Tata Consumer दिन के गिने-चुने शेयर रहे, जिनमें मजबूती देखने को मिली। दूसरी ओर Axis Bank, Eternal और JSW Steel में सबसे ज्यादा बिकवाली रही और ये शेयर दिन के बड़े लूजर्स साबित हुए।

सेक्टोरल फ्रंट पर भी कमजोरी

सेक्टर के लिहाज से भी बाजार का रुख कमजोर रहा। Consumer Durables और Media सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। Realty, Private Banks, IT और Metals सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

रुपया लगातार पांचवें दिन टूटा

बाजार के कमजोर माहौल में रुपये की गिरावट ने भी सेंटिमेंट को और बिगाड़ा। रुपया लगातार पांचवें सत्र में कमजोर हुआ और डॉलर के मुकाबले 30 पैसे गिरकर 91.08 के नए रिकॉर्ड लो पर बंद हुआ। रुपये पर दबाव की बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ता जोखिम से बचाव माना जा रहा है।

अमेरिका के डेटा पर टिकी निवेशकों की नजर

मैक्रो स्तर पर निवेशकों की नजर अब अमेरिका से आने वाले अहम आर्थिक आंकड़ों पर है। इनमें नवंबर 2025 के नॉन-फार्म पेरोल्स, बेरोजगारी दर और मंथली रिटेल सेल्स के आंकड़े शामिल हैं। ये डेटा आगे बाजार की दिशा को लेकर अहम संकेत दे सकते हैं।

आगे बाजार का क्या रुख रह सकता है

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि फिलहाल किसी बड़े ट्रिगर की कमी के चलते भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में ही रह सकता है। निकट अवधि में बाजार में साइडवेज कारोबार देखने को मिल सकता है।

निफ्टी आउटलुक पर एक्सपर्ट्स की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का मानना है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी फिसलकर 25,800–25,700 के अगले सपोर्ट जोन की ओर जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर बीच में कोई रिकवरी आती भी है, तो 26,000 के आसपास इसे मजबूत रुकावट का सामना करना पड़ सकता है।

Centrum Broking के नीलेश जैन के मुताबिक, निफ्टी का ओवरऑल ट्रेंड फिलहाल साइडवेज बना हुआ है। उन्होंने बताया कि 50 दिन की मूविंग एवरेज के आसपास 25,790 पर तुरंत सपोर्ट है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टूटता है, तो गिरावट 25,700 तक बढ़ सकती है।

ऊपर की ओर, जैन का कहना है कि 21 दिन की मूविंग एवरेज यानी 26,030 के ऊपर टिकाऊ मूवमेंट जरूरी होगा। तभी निफ्टी में रिकवरी देखने को मिल सकती है और इंडेक्स 26,250 की ओर बढ़ सकता है।

25,870 का सपोर्ट टूटने से निगेटिव सेंटिमेंट

LKP Securities के रूपक डे का कहना है कि मौजूदा सत्र में पूरी तरह से बेयर्स का दबदबा रहा। निफ्टी पूरे दिन ऑवरली चार्ट पर 200 पीरियड सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे बना रहा, जिससे कमजोरी साफ दिखी। 25,870 के सपोर्ट के टूटने से निगेटिव सेंटिमेंट और मजबूत हुआ है और आने वाले समय में इंडेक्स 25,700 या उससे नीचे भी जा सकता है।

HDFC Securities के ही नंदीश शाह के मुताबिक, निफ्टी अब 50 दिन की एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के करीब पहुंच रहा है, जो लगभग 25,760 पर है। अगर यह स्तर टूटता है, तो मौजूदा करेक्शन और गहरा सकता है। वहीं ऊपर की तरफ 26,000 का स्तर फिलहाल सबसे बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है।

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