ScaleSauce IPO Listing: 90% प्रीमियम पर लिस्टिंग के बाद लोअर सर्किट पर ₹107 का शेयर, नई एंट्री से पहले चेक करें ये डिटेल्स – scalesauce ipo listing shares debut at 90 percent premium encompass design share price slips further to lower circuit

ScaleSauce IPO Listing: देश में कंज्यूमर ब्रांड्स तैयार करने वाली स्केलसॉस की आज NSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 2 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹107 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹203.30 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 90% का लिस्टिंग गेन (ScaleSauce Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹193.15 (Flywings Simulator Training Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 80.51% मुनाफे में हैं।

ScaleSauce IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

स्केलसॉस का ₹40.21 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 5-9 दिसंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.19 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.25 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 4.60 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.69 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 37,58,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹11.49 करोड़ ऑफिस की खरीदारी, इंटीरियर वर्क और रिफर्बिशमेंट, ₹11.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹7.29 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

ScaleSauce के बारे में

मार्च 2010 में बनी स्केलसॉस डिजाइन इंडिया देश में कंज्यूमर ब्रांड्स तैयार करती है और इसे बढ़ाती है। यह होम, लिविंग और फूड सेगमेंट्स में काम करती है। स्केलसॉस के ब्रांड नाम के तहत एनकंपास डिजाइन इंडिया कंज्यूमर ब्रांड कंपनी है। इसका मुख्य काम बेड शीट, पर्दे, कंफर्टर्स, टेबल लिनेन्स और पिलो कवर इत्यादि बनाना है और अपने ब्रांड्स के तहत यह सॉस भी बनाती है। मैन्युफैक्चरिंग के अलावा कंपनी खेती से जुड़े प्रोडक्ट्स, कॉटन, फैब्रिक्स और अन्य सामानों की बिक्री भी करती है। इसके अलावा यह ब्रांड्स की मार्केटिंग भी करती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹1.29 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जिससे रिकवर होकर अगले ही वित्त वर्ष 2024 में यह ₹6.88 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच गई जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर ₹10.79 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना 59% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹55.01 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹5.05 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹28.17 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹27.20 करोड़ पड़े थे और इस पर कोई कर्ज नहीं है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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