Bay leaf ritual: भारतीय मसालों में तेजपत्ता एक ऐसा मसाला है, जो अपनी गर्म खुशबू और स्वाद के लिए जाना जाता है. लेकिन किचन के साथ-साथ इन पत्तों का प्रयोग प्राचीन समय से ही घरेलू रस्मों में काम आ रहा है.
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया ने प्राचीन ट्रेंड्स को एक बार फिर से लोगों के बीच काफी लोकप्रिय कर दिया है.
प्राचीन मान्यताओं के मुताबिक तेजपत्ते के इस्तेमाल से अच्छे सपने और सकारात्मक ऊर्जा आती है. आइए जानते हैं तेजपत्ता से जुड़े रस्म की प्राचीन इतिहास की कहानी.
ग्रीक और रोमन परंपराओं में तेजपत्ता का महत्व
पुराने ग्रीक और रोमन परंपराओं में तेजपत्ता को सुरक्षा, ज्ञान और मार्गदर्शन का प्रतीक माना जाता था. मान्यताओं के मुताबिक उन्हें सोने से पहले बिस्तर के पास रखने से नेगेटिव थॉट्स दूर होते हैं और दिमाग भी साफ रहता है. ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि, तेजपत्ता बुरे सपनों को रोकने और शांति भरी नींद लाने में सहायक है.
यह मान्यताएं प्राचीन पंरपराओं से आती है, जहां सोते समय लोग मन को शांत करने के लिए खुशबूदार जड़ी-बूटियों का सहारा लेते थे.
तेजपत्ता तकिए के नीचे रखने से क्या सच में अच्छी नींद आती है?
तेजपत्ता के इस पारंपरिक उपाय का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं कि इसे नींद बेहतर आती है और बुरे सपने नहीं आते हैं. हालांकि इसके एक छोटे से पाउच में पैक करके बिस्तर के नीचे रखने से गंदगी और बैकटीरिया से बचाव होता है. लोग आज भी इसे तनाव से मुक्त होने के लिए और अच्छे मकसद से इस उपाय को करते हैं. यह रात का छोटा सा रिचुअल आज भी लोगों के बीच पॉपुलर है.
हिंदू धर्म में तेजपत्ता को मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु से जोड़ा जाता है. इसे समृद्धि, शांति और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है. वहीं वास्तु के नजरिए से तेजपत्ता राहु-केतु जैसे अशुभ ग्रहों से बचाव करता है.
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