बांग्लादेश में हत्या, दुष्कर्म और अन्य घटनाओं को लेकर ऐसी रिपोर्ट आई है, जिसमें डराने वाले खुलासे हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार नवंबर तक 276 हिंसा की घटनाएं घटी, जिनमें हर महीने औसतन 14 लोगों की जान गई है. बांग्लादेश में चुनावी सुगबुगाहट तेज हो गई है. इस बीच हिंसा की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं.
ढाका की मानवाधिकार सहायता समाज ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी ने मंगलवार (9 दिसंबर, 2025) को बांग्लादेश में हिंसा और दुष्कर्म जैसी घटनाओं को लेकर रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया गया कि इस साल नवंबर तक बांग्लादेश में भीड़ की हिंसा की 276 घटनाएं घटी हैं. इन घटनाओं में कम से कम 156 लोग मारे गए और 242 घायल हुए हैं. इसका मतलब यह है कि हर महीने औसतन लगभग 14 मौतें हुईं.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि देश में कम से कम 1,909 महिलाओं और लड़कियों के साथ यौन हिंसा हुई. यौन हिंसा के मामलों में से दुष्कर्म के 789 केस हैं. हैरानी की बात ये है कि आधे से ज्यादा पीड़ित नाबालिग हैं. एचआरएसएस की ‘मानवाधिकार अवलोकन रिपोर्ट 2025 (ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट 2025)’ में इस साल जनवरी से नवंबर के बीच कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों की स्थिति का आकलन किया गया.
बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के अनुसार, इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए 15 नेशनल न्यूज पेपर्स में छपी खबरों और संगठन के अपने डेटा का इस्तेमाल किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त 2024 में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से, मानवाधिकार और कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है और यह अब तक चिंताजनक बनी हुई है.
रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश में राजनीतिक हिंसा, भीड़ द्वारा हत्या, महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा, धार्मिक स्थलों पर तोड़फोड़ और पत्रकारों पर हमलों में बढ़ोतरी का खुलासा हुआ है. वहीं, पुलिस के साथ टकराव या हिरासत में टॉर्चर से कम से कम 31 लोगों की जान चली गई. देशभर की जेलों में 80 अन्य कैदियों की मौत हो गई. राजनीतिक हिंसा की 852 घटनाएं हुईं, जिनमें से 474 बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसके सहयोगी संगठनों के अंदरूनी झगड़ों की वजह से हुईं. इन झगड़ों में 80 लोगों की जान जा चुकी है. इसके अलावा 4,577 लोग घायल हुए.
दूसरी ओर, बीएनपी और जमात के बीच 55 अन्य झड़पों में दो लोगों की जान चली गई और 503 अन्य घायल हो गए. रिपोर्ट में पत्रकारों पर हमले का मामला भी सामने आया है. बांग्लादेश में पत्रकारों पर हमले के 293 मामले सामने आए, जिनमें दो मारे गए, 256 घायल हुए, 47 को परेशान किया गया, 74 को धमकाया गया और 14 को गिरफ्तार किया गया.
रिपोर्ट के अनुसार, मार्च की शुरुआत में, ढाका में एक महिला पत्रकार के साथ रिपोर्टिंग के दौरान सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. इसके अलावा, 105 पत्रकारों पर 31 मामले दर्ज किए गए, जिनमें देश के साइबर सुरक्षा अधिनियम 2023 के तहत दर्ज पांच मामले शामिल हैं, जिसमें एक को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा, अल्पसंख्यक समुदायों पर कम से कम 24 हमले दर्ज किए गए. इनमें से 15 लोग घायल हुए और बांग्लादेश में पांच मंदिर, 37 मूर्तियां और 38 घर तोड़ दिए गए. 50 से ज्यादा धार्मिक स्थलों पर इसी तरह हमला किया गया, तोड़फोड़ या लूटपाट की गई.
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