
वेलकम लिखा डोरमेट भी मेहमानों के स्वाग्त के लिए रखा जाता है. जो ये दर्शाता है कि आप किसी आने वाले का प्रेम से स्वाग्त कर रह हैं. वास्तु के अनुसार, जो शब्द हम देखते, लिखते और बोलते हैं वो हमारे आसपास की ऊर्जा को प्रभावित करता है.

डोरमैट पर वेलकम लिखे होने से घर के आसपास एक अच्छी ऊर्जा का निर्माण होता है, इससे शांति, सौहार्द बढ़ता है.वेलकम का डोरमैट हम घर के मुख्य द्वार पर बिछाते हैं.

मैनगेट से ही नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है. साथ ही यहां लिखी गई कोई भी वस्तु का असर भी हमारे जीवन पर पड़ता है.

वास्तु के अनुसार घर के मेनगेट पर कभी रबर का डोरमैट नहीं बिछाना चाहिए, ये पॉजिटिव एनर्जी को घर में आने से रोकता है, साथ ही वेलकम लिखे काले रंग का डोरमैट न बिछाएं. ये अच्छा नहीं माना जाता है.

भूरे, हरे, नीले और पीले रंग का, आयातकार शेप वाला डोरमैट बिछाना शुभ माना गया है.

दरवाजे पर खड़े होकर कभी किसी की बुराई न करें, न ही किसी के प्रति गलत विचार मन में लाएं. मेनगेट से ही मां लक्ष्मी प्रवेश करती हैं, ऐसे में यहां खड़े होकर गलत विचार लाना, बुरा व्यवहार करना घर को बर्बाद कर सकती है.
Published at : 08 Dec 2025 04:10 PM (IST)
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