Stock Market : बाजार पर फिलहाल इतना नेगेटिव होने की जरूरत नहीं, हो सकता है कल से वापस रिकवरी भी आए – stock market there is no need to be so negative about the market right now a recovery might even begin tomorrow

Markt trend : इंडिगो संकट ने बाजार के सेंटिमेट खराब दिए हैं। आज के कारोबारी सत्र में निफ्टी 275 अंक टूटकर 26000 के नीचे चला गया है। मिडकैप स्मॉलकैप में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। दोनों इंडेक्स 2-2 फीसदी तक फिसले। मार्केट ब्रेथ भी बेहद खराब है। हर 1 बढ़ने वाले शेयर के मुकाबले 6 गिरने वाले शेयर देखने को मिल रहे हैं। डिफेंस शेयरों में भी आज तगड़ी मुनाफावसूली देखने को मिल रही है। डिफेंस इंडेक्स करीब 3.5 फीसदी टूटा है। भारत डायनेमिक्स करीब 6 फीसदी टूटकर वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल है। वहीं कैपिटल मार्केट, मेटल, ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी गिरावट है।

बाजार में हाहाकार

ऐसे में बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि 1 ही दिन में बाजार ने पूरा सेंटिमेंट बदल दिया है। बड़ा सवाल ये है कि ऐसा क्या हुआ जो बाजार इतना गिरा? निफ्टी से ज्यादा दिक्कत मिडकैप, स्मॉलकैप में है। आज का एडवांस/डिक्लाइन काफी खराब है। ये करीब 1:5 पर है। 2 बड़ी कंपनियां जो आज बड़े एक्सीडेंट देखने को मिले। इंडिगो और Kaynes दोनों लोअर सर्किट के करीब हैं।

बाजार: क्या करें अब?

अनुज सिंघल ने आगे कहा कि EMS और इंडिगो ने पूरे बाजार का सेंटिमेंट खराब किया है। इसके अलावा और कोई कारण नजर नहीं आता। और एक बात, निफ्टी फिर से 26,200 पर आकर अटका है। अगर पिछले हफ्ते का निचला स्तर टूटा तो ट्रेंड बिगड़ेगा। निफ्टी का पिछले हफ्ते का निचला स्तर 25,891 था।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए सपोर्ट 25,875-25,925 पर है। 25,875 के नीचे शॉर्ट्स करने वालों को दम मिलेगा। लेकिन फिलहाल इतना नेगेटिव होने की जरूरत नहीं है। हो सकता है कल से वापस रिकवरी भी आए। लेकिन रिकवरी के लिए 26,100 के ऊपर निकलना जरूरी है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी में आज की गिरावट चौंकाने वाली है। 58,700-58,800 का make or break zone रहेगा। उसके नीचे बैंक निफ्टी का भी ट्रेंड बदल जाएगा।

इंडिगो: अब आगे क्या?

इंडिगो पर CNBC-आवाज़ की राय सटीक पड़ी है। हमने गुरुवार से अपना पॉजिटिव नजरिया खत्म कर दिया है। गुरुवार से अबतक शेयर 15% टूटा है। यहां से भी इंडिगो में और करेक्शन आ सकता है। इंडिगो के ऑपरेटिंग मार्जिन अब यहां पीक कर चुके हैं। हालांकि FDTL नियमों में छूट दे दी गई है। लेकिन आखिरकार इंडिगो को इन नियमों को लागू करना ही पड़ेगा। किसी भी मोनोपॉली में जब जोखिम आए तो वैल्युएशन पर सवाल उठ जाते हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें

Read More at hindi.moneycontrol.com