21वीं सदी में डिजिटल टेक्नोलॉजी में ज़बरदस्त इनोवेशन हुए हैं, जिससे डायरेक्टर और सिनेमैटोग्राफर को अपनी-अपनी फिल्मों के विज़ुअल्स पर बेमिसाल कंट्रोल मिला है. फिर भी अब तक बनी कुछ सबसे शानदार विज़ुअली फिल्में अभी भी 20वीं सदी की हैं. ब्लैक एंड व्हाइट क्लासिक्स से लेकर शानदार कलर प्रोडक्शन और विज़ुअल इफेक्ट्स टेक्नोलॉजी में नए प्रयासों तक, 20वीं सदी में सिनेमा को कुछ ऐसेआइकॉनिक और शानदार विज़ुअल्स देखे गए जो आज भी दर्शकों को काफी प्रभावित करते हैं. चलिए जानते हैं इस बारे में कुछ खास…
‘द प्रिंस ऑफ इजिप्ट‘ (1998)
20वीं सदी के किसी रिप्रेजेंटेटिव का चुनाव करते समय द प्रिंस ऑफ़ इजिप्ट के जबरदस्त विज़ुअल्स को इग्नोर करना मुश्किल है. द प्रिंस ऑफ़ इजिप्ट 20वीं सदी की सबसे अच्छी एनिमेटेड फिल्मों में से एक है, लेकिन बदकिस्मती से उस समय ट्रेडिशनल एनिमेटेड फिल्मों के कम होने और श्रेक जैसी ज्यादा दर्शकों को पसंद आई.

‘द नाइट ऑफ द हंटर’ (1955)
‘द नाइट ऑफ़ द हंटर’ एक्टर चार्ल्स लॉटन की डायरेक्ट की हुई पहली और इकलौती फिल्म थी. उन्होंने इस डार्क थ्रिलर के ज़बरदस्त विज़ुअल्स बनाने के लिए सिनेमैटोग्राफर स्टेनली कॉर्टेज पर बहुत ज़्यादा भरोसा किया. यह एक सीरियल किलर की कहानी है जो पैसे का छिपा हुआ जखीरा पाने के लिए दो छोटे बच्चों का पीछा करते हुए एक प्रीचर बनकर आता है. स्टूडियो और ज़्यादातर थिएटर ने शुरू में ज़रूर फ़िल्म को कलर में शूट करने की बात कही थी, लेकिन ब्लैक एंड व्हाइट विज़ुअल्स में ही बनाया गया.

‘मैनहट्टन‘ (1979)
यह फिल्म एक ऐसे राइटर की कहानी है जो एक 17 साल के स्टूडेंट के साथ रिलेशनशिप में है, लेकिन वह अपने एक दोस्त की मिस्ट्रेस पर फ़िदा हो जाता है. ये मुख्य किरदार हैं, लेकिन शहर खुद स्टार है. इस फ़िल्म के विज़ुअल्स इतने ज़रूरी हैं कि सभी होम मीडिया रिलीज़ में ओरिजिनल एस्पेक्ट रेशियो को बनाए रखा गया है, जो अब एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है, लेकिन उस समय ऐसा नहीं था.

‘डेज़ ऑफ़ हेवन‘ (1978)
टेरेंस मलिक ऐसी फ़िल्मों के लिए जाने जाते हैं जिनमें विज़ुअल्स अक्सर उन कहानियों पर हावी हो जाते हैं जो अक्सर ढीली-ढाली होती हैं. 1916 में टेक्सास में सेट, यह पीरियड ड्रामा दो प्रेमियों की कहानी है जो एक अमीर किसान को ठगने की कोशिश करते हुए फसल काटते हैं. शुरुआती क्रिटिक्स की राय मिली-जुली थी. क्रिटिक्स इसकी कहानी में दम न होने को लेकर बंटे हुए थे, लेकिन विज़ुअल्स ही एक ऐसी चीज़ है जिसकी लगातार तारीफ की गई है.
ये फिल्में भी रहीं काफी खास
20वीं सदी में ‘द कन्फॉर्मिस्ट‘ (1970), ‘ब्लेड रनर‘ (1982), ‘2001: ए स्पेस ओडिसी‘ (1968), ‘बैरी लिंडन‘ (1975), ‘बराका‘ (1992), ‘लॉरेंस ऑफ अरेबिया‘ (1962) जैसी फिल्में भी रही हैं. जिनके विज़ुअल्स इतने शानदार थे. ये फिल्में आज भी दर्शकों को काफी पसंद है.
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