
IREDA Share Price: इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) के शेयर शुक्रवार 5 दिसंबर को अपने नए 52-वीक लो पर पहुंच गए। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर लगभग 3% लुढ़ककर 132 रुपये के स्तर पर पहुंच गए, जो इसका पिछले एक सालों का सबसे निचला स्तर है। यह लगातार सातवां दिन है, जब कंपनी के शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। वहीं पिछले 14 में से 13 दिन यह शेयर लाल निशान में रहा है और इस दौरान इसके शेयरों में 12 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली है।
शिखर से 60% टूट चुका है स्टॉक
भारत सरकार के स्वामित्व वाली IREDA के शेयर अब अपने जुलाई 2024 में बनाए ऑल-टाइम हाई स्तर 310 रुपये से करीब 60% तक नीचे आ चुके हैं। अपने शिखर पर यह शेयर अपने 32 रुपये के आईपीओ प्राइस से करीब 10 गुना ऊपर था। हालांकि हाल में आई भारी गिरावट के बावजूद अभी भी यह शेयर अपने आईपीओ प्राइस से करीब 4 गुना से ज्यादा ऊपर ट्रेड कर रहा है।
पिछले महीने CNBC-TV18 ने रिपोर्ट किया था कि IREDA ₹3,000 करोड़ के नए QIP के जरिए फिर से फंड जुटाने की तैयारी कर रहा है। यह खबर उस समय आई जब कंपनी ने जून में ही ₹2,000 करोड़ का QIP पूरा किया था। जून के QIP में IREDA ने ₹165.1 प्रति शेयर के भाव पर इक्विटी बेची थी। लेकिन फिलहाल स्टॉक उन लेवल्स से भी काफी नीचे है।
जुलाई में एक इंटरव्यू में IREDA के CMD प्रदीप कुमार दास ने कहा था कि QIP का दूसरी किस्त बाजार की स्थिति और डिमांड के आधार पर पूरा किया जाएगा। जून के QIP में LIC को लगभग 50% अलॉटमेंट मिला था। सितंबर तिमाही तक के शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के मुताबिक, IREDA में भारत सरकार की हिस्सेदारी 71.76% थी।
शेयर का मौजूदा हाल
दोपबर 3 बजे के करीब, IREDA के शेयर 2.46 फीसदी की गिरावट के साथ 133.39 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयरों में 10 प्रतिशत और इस साल की शुरुआत से अब तक करीब 40 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।
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