Ravivar Vrat Niyam: रविवार का व्रत कर रहे हैं? ये गलतियां न करें, वरना रूठ सकते हैं भगवान सूर्यदेव! जानें पूजा विधि

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Ravivar Vrat Niyam: रविवार का व्रत सूर्य देव को समर्पित होता है. यह धन, सुख-समृद्धि, अच्छा स्वास्थ्य और शत्रुओं से सुरक्षा देता है. इस व्रत से कुंडली में कमजोर सूर्य मजबूत होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है. जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और तनाव कम होता है.

मान्यता है कि इस व्रत को करने से आपके विकास में बार-बार आने वाली रूकावटें भी दूर होती है. इस व्रत में स्वास्थ्य और उन्नति की कामना करना चाहिए.

यह गलती नहीं करें

रविवार की पूजा के दिन देर से उठना, स्नान नहीं करना और सूर्य को जल अर्पित किए बिना व्रत प्रारंभ करना अशुभ माना जाता है. मान्यता है कि पूजा के समय लाल चंदन, लाल फूल या शुद्ध जल के बिना अर्घ्य नहीं देने से शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है. वहीं जल, बिना पूजन सामग्री के अर्घ्य देना व्रत की शुद्धता को कम करता है. रविवार की पूजा में सूर्य मंत्र का जाप करना जरूरी होता है. इससे सूर्य भगवान प्रसन्न होते हैं.

अगर आप इस दिन जाप छोड़ते हैं तो इसका नकारात्मक असर पड़ता है. वहीं मंत्र भी गलत उच्चारण आपके पूजा के महत्व को कम करता है. पूजा में नमक वाला भोजन, तामसिक भोजन करना वर्जित है. पूजा के बाद परिक्रमा, कथा सुनना चाहिए. वहीं किसी भी पूजा के अंत में आरती करना शास्त्र के विधान के अनुरूप है. मान्यता है कि रविवार की पूजा के बाद दान करने से आपके व्रत के फल को कई गुना बढ़ा देता है. 

स्वास्थ्य, समृद्धि की कामना का व्रत

मान्यता है कि रविवार का व्रत शरीर के कष्टों, नेत्र और चर्म रोगों में राहत देता है और जीवन भर ऊर्जा व तेज प्रदान करता है. रविवार का व्रत करने से व्यक्ति को समाज में सम्मान, प्रतिष्ठा और यश प्राप्त होता है. वहीं आर्थिक परेशानियां भी दूर होती है. घर में सुख-समृद्धि आती है.

इस व्रत को करने से घर के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा आता है. श्रद्धा के साथ व्रत रखने से व्रतियों की मनाकामनाएं पूरी होती है. यह व्रत सूर्य ग्रह की कमजोर स्थिति को मजबूत करता है, जिससे कैरियर से जुड़ी बाधाएं दूर होती हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, रविवार का व्रत स्त्री को संतान सुख का आशीर्वाद देता है. 

इन मंत्रों का करें जाप

रविवार व्रत के समय “ॐ घृणि सूर्याय नमः” और “ॐ सूर्याय नमः” का जाप कर सकते हैं. इन मंत्रों का जाप करने से सूर्य भगवान प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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