Market Coupling Case: APTEL बोला- भ्रष्टाचार के किसी भी मामले की जांच करने को तैयार, अगली सुनवाई 6 जनवरी को – market coupling case aptel open to look into any case of corruption next hearing on 6 january 2026 indian energy exchange share falls 2 percent

अपीलेट ट्राइब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (APTEL) ने मार्केट कपलिंग मामले में अगली सुनवाई 6 जनवरी, 2026 को करने का फैसला किया है। इसके बाद इंडियन एनर्जी एक्सचेंज लिमिटेड (IEX) के शेयर 2% से ज्यादा गिर गए। कारोबार बंद होने पर शेयर 1 प्रतिशत गिरावट के साथ 139.35 रुपये पर सेटल हुआ। APTEL, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) के मार्केट कपलिंग नॉर्म्स को लागू करने को चुनौती देने वाली IEX की पिटीशन पर सुनवाई कर रहा था। सुनवाई के दौरान, IEX ने एक मार्केट रेगुलेटर रिपोर्ट का हवाला दिया। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि CERC के अधिकारियों ने इनसाइडर ट्रेडिंग में शामिल होकर ₹173 करोड़ का गैर-कानूनी प्रॉफिट कमाया।

APTEL के ऑर्डर में कहा गया है, “हम बार में लगाए गए आरोपों को लेकर चिंतित हैं और आगे की जांच करना चाहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो एक इंडिपेंडेंट रेगुलेटर के काम करने के तरीके पर शक पैदा होगा।” यह भी कहा कि वह इस मामले पर कोई राय नहीं दे रहा है। APTEL ने यह भी कहा कि वह भ्रष्टाचार के किसी भी मामले की जांच करने के लिए तैयार है और रेगुलेटर को किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना से बचना चाहिए।

क्या होती है मार्केट कपलिंग

मार्केट कंपलिंग में सभी पावर एक्सचेंजों पर बिजली की खरीद और बिक्री के लिए आने वाली बोलियों को एक जगह इकठ्ठा करके मिलाया जाता है। फिर उसके आधार पर एक समान मार्केट क्लियरिंग प्राइस तय किया जाता है। इससे सभी पावर एक्सचेंजों पर ट्रेड हो रही बिजली की एक समय में एक ही कीमत होगी। मार्केट कपलिंग के लागू होने से प्राइस डिस्कवरी के लिए बेस्ट प्लेटफॉर्म होने का फायदा IEX गंवा देगी। मार्केट शेयर प्रभावित होगा। यह फिलहाल देश का सबसे बड़ा पावर एक्सचेंज है।

23 जुलाई 2025 को खबर आई थी कि CERC ने जनवरी 2026 से मार्केट कपलिंग के नियम को डे-अहेड मार्केट में लागू करने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद 24 जुलाई को IEX के शेयर में BSE पर 29 प्रतिशत की हाहाकारी गिरावट आई थी। यह एक दिन में शेयर की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट रही। IEX ने APTEL को बताया है कि कपलिंग ऑर्डर, CERC अधिकारियों की इनसाइडर ट्रेडिंग साजिश का हिस्सा था। यह ऑर्डर झूठा था।

IEX ने अगस्त में दी थी ऑर्डर को चुनौती

IEX ने मार्केट कपलिंग को लागू करने के CERC के ऑर्डर को अगस्त 2025 में चुनौती दी। इसके बाद 13 अक्टूबर को APTEL ने IEX को चल रहे मार्केट कपलिंग केस में एक बदली हुई पिटीशन फाइल करने का निर्देश दिया। इसमें और पार्टियों को रेस्पोंडेंट के तौर पर जोड़ने को कहा गया। जैसे कि ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, जो मार्केट कपलिंग के लिए पायलट स्टडी और टेस्ट रन के लिए जिम्मेदार थी। साथ ही पावर एक्सचेंज ऑफ इंडिया और हिंदुस्तान पावर एक्सचेंज, जो IEX के कॉम्पिटिटर हैं।

APTEL ने IEX को एक हफ्ते के अंदर एक रिवाइज्ड पिटीशन फाइल करने का निर्देश दिया। नई पार्टियों को भी 30 अक्टूबर 2025 की सुनवाई से पहले ऐसा ही करने को कहा गया। फिर 30 अक्टूबर को APTEL ने CERC के मार्केट कपलिंग ऑर्डर को चुनौती देने वाली पिटीशन पर सुनवाई टाल दी। ट्राइब्यूनल के सदस्यों ने CERC ऑर्डर के खिलाफ IEX की पिटीशन पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। अगली सुनवाई के लिए अस्थायी तौर पर तारीख 28 नवंबर तय की गई।

क्या चाहता है IEX

IEX मार्केट कपलिंग पर CERC ऑर्डर को रद्द करने की मांग कर रहा है। या फिर मामले का फैसला होने तक ऑर्डर पर रोक लगाने की मांग है। IEX की पिटीशन में दावा किया गया है कि CERC का ऑर्डर मनमाना है और नेचुरल जस्टिस के सिद्दांतों का उल्लंघन करता है। यह ऑर्डर 17 सालों में बने रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को बिगाड़ता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Read More at hindi.moneycontrol.com