Chief Ministerial Battle: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद लेकर चल रही खींचतान के बीच सीएम सिद्धारमैया ने डिप्टी डीके शिवकुमार को शनिवार सुबह लंच पर बुलाया है. यह न्योता कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर दिया गया, जिसने दोनों नेताओं को आपस में बातचीत करने को कहा ताकि अटकलबाजी के सुगबुगाहट पर रोक लगाई जा सके. सीएम सिद्धारमैया ने साफ कहा कि वो हाईकमान का फैसला मानेंगे और अगर उन्हें बुलाया जाता है तो वो दिल्ली भी जाएंगे.
क्या खत्म होगी पावर शेयरिंग की जंग?
कर्नाटक सरकार में दोनों नेताओं के बीच ढाई साल का समय बीत चुका है और पुराने पावर शेयरिंग समझौते की चर्चा फिर गरम हो गई है, जिसमें कथित तौर पर ढाई साल के लिए शिवकुमार को सीएम बनना था. इस बीच डीके शिवकुमार ने दिल्ली यात्रा रद्द कर दी, जबकि उनके भाई डीके सुरेश वहां पहुंच चुके हैं लेकिन दोनों ही चुप्पी साधे हैं. वहीं, सीएम सिद्धारमैया ने जोर देकर कहा कि वो अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करना चाहते हैं, लेकिन पार्टी लाइन से एक इंच भी नहीं हटेंगे.
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हाईकमान से मिली ये हिदायत
हाईकमान ने दोनों को फोन कर एकजुट दिखने की हिदायत दी है, क्योंकि सार्वजनिक बयानबाजी से पार्टी की इमेज खराब हो रही थी. शिवकुमार ने भी कहा कि वो जल्दबाजी में नहीं हैं और दिल्ली उनका मंदिर है, जहां सब तय होगा. विपक्ष इस मौके को भुनाने की फिराक में है और अविश्वास प्रस्ताव की धमकी दे रहा है. ये लंच मीटिंग शायद तनाव कम करने का पहला कदम साबित हो सकता है.
इस बीच 2023 के चुनाव के बाद कथित 2.5 साल के पावर शेयरिंग फॉर्मूले पर शिवकुमार कैंप ने दावा ठोंका है कि पांच-छह नेताओं के बीच सीक्रेट समझौता हुआ था. जबकि सिद्धारमैया समर्थक इसे नकारते हुए पूरे कार्यकाल का हवाला दे रहे हैं.
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