उत्तराखंड में सड़क किनारे अवैध गैराजों पर बड़ी कार्रवाई, ट्रांसपोर्ट विभाग ने लागू किए नए नियम


उत्तराखंड में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, और इसके साथ ही उन्हें ठीक करने वाले छोटे-बड़े गैराज और सड़क किनारे खुली मैकेनिक दुकानों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है. हर चौक-चौराहे पर आसानी से दिखने वाले इन वर्कशॉप के कारण कई बार यातायात जाम की समस्या उत्पन्न होती है. इसके अलावा अनट्रेंड मैकेनिकों द्वारा लो-क्वालिटी या स्थानीय पार्ट्स लगाने से वाहन जल्दी खराब होने, शॉर्ट सर्किट और आग लगने की घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है. अब परिवहन विभाग ने इस पूरी व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है.

राज्य में सड़क किनारे अनियंत्रित रूप से गैराज खुलने से न सिर्फ ट्रैफिक की समस्या बढ़ती है, बल्कि आसपास गंदगी भी फैलती है. कई मामलों में यह भी सामने आया है कि ऐसे गैराज वाहनों को नियमों के विपरीत मॉडिफाई कर देते हैं, जिसके कारण बाद में वाहन मालिकों को चालान और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. राजधानी देहरादून में बढ़ते जुगाड़ वाहनों के लिए भी यही गैराज और अनट्रेंड मैकेनिक जिम्मेदार माने जा रहे हैं.

बिना योग्यता के खोल रहे गैराज

परिवहन विभाग के संयुक्त आयुक्त सनत कुमार सिंह ने बताया कि जुगाड़ वाहनों का निर्माण और वाहन मरम्मत कार्य पर वर्तमान में विभाग का कोई सीधा नियंत्रण नहीं है. कोई भी व्यक्ति बिना किसी अनुमति, योग्यता या प्रशिक्षण के कहीं भी गैराज खोलकर वाहन बनाने या मरम्मत करने लगता है. जबकि आज के समय में वाहनों के प्रदूषण व सुरक्षा मानक पहले से कहीं अधिक सख्त किए जा चुके हैं. ऐसे में अप्रूव्ड एजेंसियों द्वारा निर्मित वाहनों की तुलना में जुगाड़ वाहन बेहद असुरक्षित साबित होते हैं.

उन्होंने कहा कि गैराज के लिए एक अप्रूवल और रेटिंग सिस्टम पहले से मौजूद है, लेकिन बिना लाइसेंस वाले गैराज तेजी से बढ़ रहे हैं. ये गैराज न सिर्फ वाहनों में घटिया पार्ट्स फिट कर देते हैं, बल्कि सुरक्षा नियमों का पालन भी नहीं करते. कई मैकेनिक ऐसे हैं जिनके पास कोई तकनीकी योग्यता, डिग्री या प्रमाण पत्र भी नहीं है.

परिवहन विभाग अब नियमों को अपडेट कर रहा है. जल्द ही नए प्रावधान लागू किए जाएंगे.

ये होंगे नियम

गैराज संचालित करने के लिए लाइसेंस अनिवार्य होगा.

न्यूनतम शैक्षिक योग्यता व तकनीकी ज्ञान आवश्यक होगा.

वर्कशॉप में निर्धारित सभी उपकरणों का होना जरूरी होगा.

आईएसआई मानकों के अनुरूप पार्ट्स का उपयोग अनिवार्य होगा.

संयुक्त आयुक्त ने साफ किया कि कोई भी व्यक्ति अकेले भी गैराज चला सकता है, लेकिन उसके पास कम से कम बुनियादी ट्रेनिंग और वाहन पार्ट्स की उचित जानकारी होना आवश्यक है.

परिवहन विभाग का यह कदम राज्य में सुरक्षित यातायात और मानक आधारित वाहन मरम्मत व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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