Fat Loss Tips: सिर्फ कार्डियो और नो कार्ब्स? तमन्ना भाटिया के फिटनेस ट्रेनर बताया खास रुटीन, तेजी से घटाता है फैट


Sustainable Weight Loss: वजन घटाने की शुरुआत करते ही हम सब की एक ही सोच रहती है जिम में पसीने की बरसात और खाने में कार्ब्स का सफाया. जैसे आलू, रोटी और चावल दुश्मन बन जाते हैं और ट्रेडमिल, चिकन ग्रिल हमारे नए बेस्ट फ्रेंड. लेकिन जिस चीज को हम सच मानकर जी रहे होते हैं, वह मिथक भी हो सकती है. इससो लेकर तमन्ना भाटिया के फिटनेस कोच  सिद्धार्थ सिंह ने यह खुलासा किया है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने साफ कहा कि रोज 40 से 50 मिनट की कार्डियो और कार्ब्स को पूरी तरह हटाना फैट लॉस का शॉर्टकट तो है, लेकिन टिकाऊ रास्ता नहीं. अगर ये फॉर्मूला सचमुच काम करता, तो लोग ट्रेनर तक आते ही क्यों? सीधे शब्दों में ये तरीका ज्यादातर लोगों को नतीजे नहीं देता. चलिए, आपको बताते हैं कि आखिर उन्होंने क्या कहा है.

 


क्यों नहीं टिकता यह क्विक फिक्स फॉर्मूला?

फिटनेस कोच सिद्धार्थ सिंह बताते हैं कि लंबी कार्डियो और जीरो-कार्ब डाइट से जो वजन गिरता है, उसमें असली फैट कम नहीं, ज्यादातर पानी और ग्लाइकोजन निकलता है. इसका नतीजा हमारे ऊपर उल्टा होता है जैसे-

  • थकान
  • चिड़चिड़ापन
  • कार्ब्स की तीखी क्रेविंग
  • फिर से पहले जैसा वजन

इसलिए बहुत लोग नो-कार्ब डाइट शुरू तो कर देते हैं, पर कुछ हफ्तों में वहीं लौट आते हैं जहां से शुरू किया था.

तो फिर काम क्या आता है?

अब हमारे मन में सवाल यह आता है कि आखिर फिर काम क्या आता है. यहां सिद्धार्थ बताते हैं कि लंबा चलने वाला बदलाव ही असली फैट लॉस देता है.
उन्होंने इसको लेकर कुछ सलाह दी है, जैसे कि:

  • ऐसी गतिविधियां चुनें जिन्हें आप सच में पसंद करते हों
  • रोजमर्रा के खाने में प्रोटीन और असली भोजन बढ़ाएं
  • परफेक्ट होने की कोशिश न करें, बस नियमित रहें

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग क्यों जरूरी है?

सिद्धार्थ बताते हैं कि सिर्फ चलने से काम नहीं चलेगा. कार्डियो आपको कैलरी जलाने में मदद करता है, लेकिन यह मांसपेशियां नहीं बनाता और बिना मांसपेशियों के मेटाबॉलिज़्म तेज नहीं होता. यही वजह है कि हमें संतुलित प्लान बनाकर काम करने की जरूरत होती है. जिसमें:

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग

  • हल्का–फुल्का कार्डियो
  • रोज की एक्टिविटी (जैसे वॉक)

यह कॉम्बिनेशन फैट घटाता भी है और शरीर को शेप भी देता है.

स्टार्टर प्लान शुरुआत ऐसे करें

अब चलिए आपको बताते हैं कि इसको लेकर आप सिंपल प्लान कैसे बना सकते हैं, जिसको फॉलो करने में आसानी होती है और आप इसको लंबे समय तक फॉलो कर सकते हैं. इसमें-

  • हफ्ते में 3 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
  • 2 से 3 छोटे कार्डियो या कंडीशनिंग सेशन
  • रोजाना हल्की–फुल्की वॉक
  • दिन की शुरुआत प्रोटीन-रिच ब्रेकफास्ट से
  • वर्कआउट के आसपास कार्ब्स की नियंत्रित मात्रा
  • नींद, पानी और स्ट्रेस पर ध्यान

एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि आप जो भी रूटीन बना रहे हैं, ऐसी दिनचर्या बनाना जो महीनों तक चली जा सके, हफ्तों तक नहीं.

इसे भी पढ़ें- यूरिन करते वक्त फ्लो रहता है स्लो तो हो जाएं अलर्ट, इस कैंसर का मिलता है सिग्नल

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

Read More at www.abplive.com