पूर्व मुख्य न्यायाधीश गवई ने पेश की मिसाल : 53वें CJI सूर्यकांत को लगाया गले, फिर अपनी आधिकारिक कार भी राष्ट्रपति भवन परिसर में छोड़ी

नई दिल्ली। देश में 53वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस सूर्यकांत (53rd CJI Surya Kant) ने आज राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई, उनके शपथ ग्रहण की खास बात ये रही कि उन्होंने ये हिंदी में ली।

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शपथ के तुरंत बाद जस्टिस सूर्यकांत (CJI Surya Kant) ने पूर्व CJI गवई से गले मिले, जो समारोह का एक भावुक क्षण था। यह न केवल व्यक्तिगत स्नेह का प्रतीक था, बल्कि न्यायपालिका में सौहार्द की मिसाल भी। जस्टिस सूर्यकांत ने अपनी विदाई भाषण में गवई जी को “भाई और विश्वासपात्र” बताया, जो ईमानदारी और धैर्य के साथ मामलों को संभालते थे। वहीं इस समारोह के बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई ने एक नई मिसाल पेश की और अपने उत्तराधिकारी जस्टिस सूर्यकांत के लिए अपनी आधिकारिक कार उपलब्ध करा दिया, ताकि वे तुरंत अपनी जिम्मेदारियां संभाल सकें। यह छोटा-सा लेकिन सार्थक इशारा प्रशासनिक सहजता और पूर्ववर्ती की उदारता को दर्शाता है।

इसके बाद उन्होंने वहां मौजूद बहन और बड़े भाई के पैर छुए। इस कार्यक्रम में उनके परिवार के लोग शामिल हुए। CJI सूर्यकांत ने भाई ऋषिकांत और बहन राजबाला के भी पैर छुए। ससुर राम प्रताप और सास आरती शर्मा के पैर छुए।

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