
सबसे आम गलती है परफ्यूम जरूरत से ज्यादा लगाना. हल्की और सॉफ्ट खुशबू हमेशा बेहतर लगती है. बहुत ज्यादा लगाने से न सिर्फ दूसरों को असहजता होती है, बल्कि सिरदर्द या एलर्जी जैसी परेशानी भी हो सकती है. बस थोड़ा-सा परफ्यूम पल्स पॉइंट्स जैसे कलाई, गर्दन या कानों के पीछे लगाना काफी होता है.

दूसरी गलती है बहुत स्ट्रॉन्ग फ्रेग्रेंस चुन लेना. कुछ परफ्यूम इतने तेज होते हैं कि थोड़ी सी मात्रा में भी पूरी जगह महक जाती है. ऑफिस में ऐसी खुशबू लोगों को परेशान कर सकती है. इसलिए हल्की, क्लीन और फ्रेश खुशबू चुनें जो आपकी स्किन तक सीमित रहे, कमरे तक नहीं.

तीसरी गलती जो लोग अक्सर करते हैं, वह है डेस्क पर बैठकर परफ्यूम दोबारा लगाना. दिन के बीच में खुशबू हल्की हो जाए तो रिफ्रेश करना सही है, लेकिन ऐसा खुले में करना दूसरों को असहज कर सकता है. हमेशा वॉशरूम या किसी प्राइवेट जगह पर जाकर परफ्यूम दोबारा लगाएं.

चौथी गलती है परफ्यूम को डिओड्रेंट समझ लेना. याद रखें, परफ्यूम पसीने की गंध को छिपाने या रोकने के लिए नहीं बनाया गया है. अगर आपको पसीने की समस्या है, तो पहले डिओड्रेंट लगाएं और फिर हल्का परफ्यूम. इससे खुशबू भी टिकेगी और बदबू से भी बचाव होगा.

एक और बात ध्यान देने वाली है. परफ्यूम का सही चुनाव. मौसम और माहौल के हिसाब से खुशबू चुनना जरूरी है. गर्मियों में सिट्रस या एक्वा बेस्ड फ्रेग्रेंस और सर्दियों में वुडी या स्पाइसी खुशबू ज्यादा अच्छी लगती है.

साथ ही, हर परफ्यूम हर स्किन पर एक जैसा नहीं महकता. इसलिए नया परफ्यूम खरीदने से पहले उसे अपनी त्वचा पर ट्राई करें. कुछ खुशबुएं स्किन के नेचुरल ऑयल्स के साथ मिलकर ज़्यादा या अलग महक सकती हैं.
Published at : 23 Nov 2025 11:25 AM (IST)
ब्यूटी फोटो गैलरी
Read More at www.abplive.com