Graveyard: कब्रिस्तान से गुजरते समय डर लगे तो पढ़िए ये आयत, अल्लाह खुद करेंगे रक्षा!

कब्रिस्तान इस्लाम धर्म में मृत लोगों को दफनाने, उनकी यादों को संजोने और शोक मनाने के लिए एक पवित्र और महत्वपूर्ण स्थान है, यह धार्मिक अनुष्ठानों, प्रार्थनाओं और आत्मा की शांति की कामना के लिए भी एक अच्छा स्थान है.

कब्रिस्तान इस्लाम धर्म में मृत लोगों को दफनाने, उनकी यादों को संजोने और शोक मनाने के लिए एक पवित्र और महत्वपूर्ण स्थान है, यह धार्मिक अनुष्ठानों, प्रार्थनाओं और आत्मा की शांति की कामना के लिए भी एक अच्छा स्थान है.

कब्रिस्तान में मृत व्यक्तियों को दफनाया जाता है, जिससे कुछ लोगों को कब्रिस्तान के नाम से ही डर लगता है, जबकि कुछ लोगों को कब्रिस्तान से गुजरते समय डर लगता है. तो आइए यहां जानिए कब्रिस्तान से गुजरते समय अगर आपको डर लगने लगे तो कौन सी आयत पढ़नी चाहिए.

कब्रिस्तान में मृत व्यक्तियों को दफनाया जाता है, जिससे कुछ लोगों को कब्रिस्तान के नाम से ही डर लगता है, जबकि कुछ लोगों को कब्रिस्तान से गुजरते समय डर लगता है. तो आइए यहां जानिए कब्रिस्तान से गुजरते समय अगर आपको डर लगने लगे तो कौन सी आयत पढ़नी चाहिए.

कब्रिस्तान से गुजरते समय डर लगे तो आप

कब्रिस्तान से गुजरते समय डर लगे तो आप “अस्सलामु अलैकुम अहलैद-दियारी…” वाली दुआ पढ़ सकते हैं, जिसका अर्थ है, “ऐ कब्रों में रहने वालों, तुम पर सलामती हो. अगर अल्लाह ने चाहा तो हम जल्द ही तुम्हारे साथ शामिल हो जायेंगे. हम अल्लाह से अपने और तुम्हारे लिए सलामती की दुआ करते हैं”.

यह आयत कब्रिस्तान में मौजूद आत्माओं के लिए अल्लाह से रहम और रोशनी का जरिया बनाती  है,. जिससे अल्लाह उनकी गलतियों को माफ करते हैं और जन्नतुल फिरदौस में जगह बनाते हैं.

यह आयत कब्रिस्तान में मौजूद आत्माओं के लिए अल्लाह से रहम और रोशनी का जरिया बनाती है,. जिससे अल्लाह उनकी गलतियों को माफ करते हैं और जन्नतुल फिरदौस में जगह बनाते हैं.

कब्रिस्तान से गुजरते समय डर लगता है, तो आप आयतल कुर्सी पढ़ लें. इसे पढ़ने पर अल्लाह आपकी रक्षा करने के लिए एक फरिश्ता नियुक्त करता है. अगर वहीं आप एक से ज़्यादा बार पढ़ते हैं, तो अल्लाह स्वयं हिफाजत करता है.

कब्रिस्तान से गुजरते समय डर लगता है, तो आप आयतल कुर्सी पढ़ लें. इसे पढ़ने पर अल्लाह आपकी रक्षा करने के लिए एक फरिश्ता नियुक्त करता है. अगर वहीं आप एक से ज़्यादा बार पढ़ते हैं, तो अल्लाह स्वयं हिफाजत करता है.

यह आयत कुरान की सबसे शक्तिशाली आयतों में से एक है और पढ़ने वाले को भी अल्लाह की पनाह और हिफाजत मिलती है. इसलिए अगर आपको कब्रिस्तान से गुजरते समय डर लगे तो आयतल कुर्सी की आयत जरूर पढ़ें.इसे पढ़ने से अल्लाह स्वयं आपकी रक्षा करेंगे.

यह आयत कुरान की सबसे शक्तिशाली आयतों में से एक है और पढ़ने वाले को भी अल्लाह की पनाह और हिफाजत मिलती है. इसलिए अगर आपको कब्रिस्तान से गुजरते समय डर लगे तो आयतल कुर्सी की आयत जरूर पढ़ें.इसे पढ़ने से अल्लाह स्वयं आपकी रक्षा करेंगे.

Published at : 12 Nov 2025 07:18 PM (IST)

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