Mahakaleshwar Jyotirlinga Darshan: वर्ल्ड कप जीत के बाद दीप्ति शर्मा ने लगाई महाकाल के दरबार में हाजिरी, भस्म आरती में हुईं थी शामिल!

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Deepti Sharma Mahakaleshwar Jyotirlinga Darshan: कोई भी इंसान भगवान को तब याद करता है, जब उसे कुछ चाहिए हो या वे किसी मुसीबत में हो.

बल्कि हमें हमारी मनोकामना पूरी होते ही सबसे पहले भगवान का शुक्रियादा करना चाहिए. ऐसा ही वूमेन वर्ल्ड कप क्रिकेट 2025 का खिताब जीतने के बाद भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने किया.

दीप्ति शर्मा ने किए महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन

दीप्ति शर्मा रविवार को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंची. वहां उन्होंने सुबह की पवित्र भस्म आरती के दर्शन भी किए. विश्व कप में जब टीप इंडिया कुछ मुकाबले लगातार हारने लगी थी, तब भारतीय दल ने बीच टूर्नामेंट में आकर महाकालेश्वर मंदिर में भगवान के आशीर्वाद किए थे.

उस समय सभी खिलाड़ियों ने भस्म आरती में शामिल होकर, नंदी हॉल में प्रार्थना की थी. जिसके बाद टीम ने फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराकर वूमेन वर्ल्ड कप 2025 का खिताब अपने नाम किया.

दीप्ति शर्मा बनी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

दीप्ति शर्मा ने वूमेन वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल मैच में 58 रन की पारी खेली थी. जिसके बाद उन्होनें अपनी गेंद बाजी से भी जलवा बिखेरा था. उन्होंने 9.3 ओवरों में 39 रन देकर 5 विकेट हासिल किए. जिसके बाद वे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनी.

यह खिताब मिलने के बाद उन्होंने कहा की मुझे यह सब एक सपने की तरह लग रहा है, कि मैने विश्व कप फाइनल में इस तरह का योगदान दिया है. हमने हर मैच में मिली सिख का उपयोग किया और एक टीम के रूप में, हम बहुत खुश हैं.

उन्होंने यह भी कहा की एक मैच और एक ऑलराउंडर के रूप में मुझे बहुत मजा आया.

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा से होता है कल्याण

उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग सबसे अनोखा और भगवान शिव महाकाल रूप में स्वयं काल के स्वामी है. लिंगपुराण, शिवपुराण और स्कंदपुराण में महाकाल की उपासना करने को जीवन-मृत्यु के मुक्त करने वाली और काल दोष, शनि दोष, पितृ दोष और अकाल मृत्यु भय समाप्त करने वाला कहा गया है.

शास्त्रों के अनुसार महाकालेश्वर के दर्शन और अभिषेक से मृत्यु भय, आकस्मिक दुर्घटनाओं और रोगों से रक्षा होती है. माना जाता है कि महाकाल की उपासना से शनि का दुष्प्रभाव भी शांत होता है, क्योंकि महाकाल स्वयं ‘काल’ के अधिपति हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Read More at www.abplive.com