ऑटो सेक्टर की ग्लोबल स्टोरी मजबूत,सेक्टर में बना कंफर्ट और ग्रोथ देगा आगे तगड़ा मुनाफा – the global auto sector story is strong comfort and growth within the sector will lead to strong profits going forward

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए Invt Nippon MF के सीनियर फंड मैनेजर इक्विटी विनय शर्मा ने कहा कि पिछले एक साल में मार्केट में अच्छा करेक्शन हुआ है। नॉमिनल GDP तेज रहा तो अर्निंग में ग्रोथ की उम्मीद है। कई सेक्टर्स में वैल्युएशन अब सपोर्टिव हैं। अर्निंग मोमेंटम फिर से बन रहा है। FY27 की कमाई FY26 से बेहतर रहने की उम्मीद है। इमर्जिंग मार्केट की तुलना में भारत का अंडरपरफॉर्म था जबकि अभी बाजार में रिकवरी के संकेत हैं।

पिछले साल की तुलना में वैल्युएशन किफायती है। अर्निंग और वैल्युएशन को देखें तो मार्केट में कंफर्ट जोन है। डोमेस्टिक सेक्टर्स के वैल्युएशन किफायती है। फाइनेंशियल, ऑटो, पावर में बेहतर वैल्युएशन नजर आ रहा है। कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी, फार्मा के बेहतर वैल्युएशन लग रहे है। नॉमिनल GDP तेज रहा तो अर्निंग में ग्रोथ की उम्मीद है।

फंड की निवेश स्ट्रैटेजी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि रिस्क को कम करके बेहतर रिटर्न की कोशिश है। डाइवर्सिफिकेशन से वोलैटिलिटी कम करना जबकि मार्केट फेज के हिसाब से क्वालिटी, ग्रोथ, वैल्यू पर फोकस है। मार्केट के सभी स्टाइल्स को बैलेंस करते हैं। अगले 3-4 सालों में वैल्यू क्रिएशन वाले स्टॉक्स पर फोकस करें। वैल्यू क्रिएशन के हिसाब से सेक्टर्स का सेलेक्शन होता है। वैल्यू ऑपर्च्युनिटी पर फोकस करते है। रिस्क-रिवॉर्ड के बीच बैलेंस करने की कोशिश है। कसिस्टेंट रिटर्न्स के साथ ग्रोथ कैप्चर करना है।

किन सेक्टर्स पर फोकस?डोमेस्टिक फोकस, फाइनेंशियल सेक्टर, इंडियन कंजम्पशन थीम, पावर और कैपिटल गुड्स, फार्मा सेक्टर, ऑटो और ऑटो कंपोनेंट्स पर फोकस है।

ऑटो सेक्टर पर राय देते हुए उन्होंने कहा कि ऑटो सेक्टर में कम्फर्ट और ग्रोथ दोनों मौजूद है। पिछले 4-6 महीनों में सेक्टर ने जबरदस्त रिटर्न दिए हैं। लॉन्ग टर्म में ऑटो पर फंड पॉजिटिव व्यू है। सरकार, RBI दोनों का कंजम्प्शन बढ़ाने पर फोकस है। ऑटो सेक्टर की ग्लोबल स्टोरी भी मजबूत है। सेक्टर में लॉन्ग टर्म में ग्रोथ पोटेंशियल है। शॉर्ट टर्म में प्रॉफिट बुकिंग, लॉन्ग टर्म में पॉजिटिव है। वैल्युएशन और कंजम्प्शन ट्रेंड पर नजर है।

IT में अभी अंडरवेट पोजिशन

वहीं IT में अभी अंडरवेट पोजिशन बना है। पिछले 2–3 सालों से कम एक्सपोजर रहा है। डोमेस्टिक सेक्टर्स पर ज्यादा भरोसा है। ग्लोबल सेक्टर्स से ज्यादा डोमेस्टिक थीम्स की डिमांड है। AI और नई टेक्नोलॉजी वेव पर नजर है। अभी डिमांड में सुधार के संकेत कमजोर हैं। भविष्य में रेवेन्यू रिकवरी धीमी रहने की संभावना है।

सेक्टर में वैल्युएशन आकर्षक

फार्मा सेक्टर का वैल्यूएशन करेक्शन हुआ है। रिस्क-रिवॉर्ड बेहतर हुआ है। ग्लोबल रेवेन्यू नॉर्मलाइजेशन है। फार्मा सेक्टर की रिस्क सीमित, ग्रोथ पोटेंशियल, डोमेस्टिक कंपनियों पर बुलिश नजर आ रहा। एक्सपोर्ट से जुड़ी कंपनियों पर बुलिश हुआ।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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