Paisalo Digital Reorganisation: फैमिली ट्रस्ट ओपन ऑफर के बिना ही कंपनी में हासिल कर सकेंगी शेयर, SEBI ने दी छूट – sebi has granted exemption to two private family trusts of promoters of paisalo digital ltd allowing them to acquire shares and voting rights without open offer

कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने पैसालो डिजिटल लिमिटेड के प्रमोटर्स के 2 प्राइवेट फैमिली ट्रस्ट्स को अधिग्रहण नियमों के तहत एक छूट दी है। छूट यह है कि वह ओपन ऑफर लाए बिना कंपनी में शेयर और मताधिकार हासिल कर सकते हैं। शुक्रवार को जारी एक आदेश में SEBI ने कहा कि उसने पैसालो डिजिटल में शेयरों के प्रस्तावित डायरेक्ट और इनडायरेक्ट अधिग्रहण के लिए सुनीति डोला प्राइवेट ट्रस्ट और सुलभ्य परमिता प्राइवेट ट्रस्ट को अधिग्रहण नियमों का पालन करने से छूट दी है।

पैसालो डिजिटल बीएसई और एनएसई पर लिस्टेड है। दोनों ट्रस्ट प्रमोटर फैमिली सक्सेशन रीस्ट्रक्चरिंग का हिस्सा हैं। पैसालो डिजिटल में शेयरों की खरीद, प्रमोटर सुनील अग्रवाल, सुनीति अग्रवाल और शांतनु अग्रवाल के पास मौजूद शेयरों के गिफ्ट ट्रांसफर और प्रमोटर समूह की प्राइवेट एंटिटीज में मौजूद शेयरहोल्डिंग के इनडायरेक्ट ट्रांसफर के जरिए की जानी है। यह छूट एक साल के लिए वैध रहेगी। ट्रस्ट्स को इस अवधि के अंदर शेयरों का ट्रांसफर पूरा करना होगा और 21 दिनों के अंदर सेबी को रिपोर्ट पेश करनी होगी।

ट्रस्ट्स के कंट्रोल में नहीं होगा कोई बदलाव

SEBI ने कहा कि ट्रस्ट के रीऑर्गेनाइजेशन से नियंत्रण में कोई बदलाव नहीं होगा। पैसालो में प्रमोटर समूह की कुल शेयरहोल्डिंग में कोई बदलाव नहीं होगा और पब्लिक शेयरहोल्डिंग में भी कोई बदलाव नहीं होगा। SEBI के होलटाइम मेंबर सदस्य कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने अपने आदेश में कहा, “प्रपोज्ड अधिग्रहण प्रमोटर फैमिली के आंतरिक पुनर्गठन के लिए हैं। इनका उद्देश्य उत्तराधिकार को सुव्यवस्थित करना और प्रमोटर फैमिली के कल्याण को बढ़ावा देना है।”

आदेश में आगे कहा गया है कि, “प्रस्तावित अधिग्रहण गैर-व्यावसायिक लेनदेन होंगे, जो किसी भी तरह से टारगेट कंपनी के पब्लिक शेयरहोल्डर्स के हितों को प्रभावित नहीं करेंगे।” प्रस्तावित अधिग्रहण कंपनी अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के रिलीवेंट प्रावधानों के अनुसार होंगे। खरीदार यह सुनिश्चित करेंगे कि ट्रस्ट डीड में मेंशन कॉन्ट्रैक्ट, आदेश की शर्तों के विपरीत न हों। जरूरी हुआ तो ट्रस्ट डीड को उचित रूप से संशोधित किया जाएगा और जल्द ही सेबी को इस बारे में बताया जाएगा।

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