
शनि देव जब भी गोचर करते हैं तब किसी न किसी राशि पर शनि की सढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाती है तो किसी राशि पर साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव खत्म होता है.

शनि की साढ़ेसाती की बात करें, तो ढाई-ढाई वर्षों के लिए तीन चरणों में होती है. इस तरह से किसी एक साथ पर पूरे साढ़े सात सालों तक शनि साढ़ेसाती का प्रभाव रहता है. फिलहाल मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है.

मार्च 2025 में शनि का गोचर जब मीन राशि में हुआ तब मीन राशि पर शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू हुआ. अब 2027 में शनि का गोचर मेष राशि में होगा तब मीन राशि पर साढ़ेसाती तीसरा चरण शुरू होगा और 2029 तक रहेगा. 2029 में जब शनि का गोचर वृषभ में होगा तब मीन राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव समाप्त होगा.

इस समय मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है, जोकि साढ़ेसाती का सबसे कष्टकारी समय माना जाता है. इस समय आर्थिक उलझनें और पारिवारिक तनाव रहता है. इसलिए मीन राशि वालों को कुछ उपाय करने चाहिए.

उपाय- ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप प्रतिदिन करें. शनिवार को काले तिल, सरसों का तेल, उड़द दाल या काले वस्त्र का दान करें. पीपल पर जल चढ़ाएं. मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें.

सावधानियां- आलस्य, झूठ या अन्याय से बचें. शनि कर्मफलदाता हैं, ऐसे में साढ़ेसाती के समय कर्म ही आपका रक्षा कवच बनेगा. दूसरों की निंदा या आलोचना न करें. कर्ज लेने से बचें, पुराने ऋण निपटाने की कोशिश करें. मांसाहार भोजन, नशीले पदार्थों और नकारात्मक संगति से दूर रहें.
Published at : 06 Nov 2025 02:49 PM (IST)
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