
क्या आपको यह पता है कि, हम जिस भी बर्तन में पानी पीते हैं, उसका सीधा प्रभाव हमारी ग्रहीय ऊर्जा पर पड़ता है. जब हम स्टील के गिलास से पानी पीते हैं, तो यह हमारी कुंडली के तीन शक्तिशाली ग्रहों को कमजोर बनाने का काम करता है.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में नवग्रहों की स्थिति बदलती रहती है. ऐसे में चंद्रमा, शुक्र और राहु ये तीनों ही शक्तिशाली ग्रहों में गिने जाते हैं. चंद्रमा मजबूत होने पर मन शांत होने के साथ स्थिर रहता है, जबकि इसकी कमजोर स्थिति व्यक्ति के मनोदशा में उतार-चढ़ाव लाने के साथ भावनात्मक रूप से अस्थिरता लाने का काम करता है.

शुक्र ग्रह का संबंध सुंदरता, प्रेम, आकर्षण और प्रचुरता से होता है. कुंडली में जब शुक्र ग्रह कमजोर होता है, तो रिश्तों में समस्याएं, आकर्षण की कमी के साथ आर्थिक असुंतलन का सामना करना पड़ सकता है.

राहु भ्रम और अचानक होने वाली घटनाओं का छाया ग्रह है. स्टील राहु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाने का काम करता है, जिससे भ्रम, जुनून, सेहत से जुड़ी समस्याएं और कर्म जाल पैदा होते हैं.

ऐसे में स्टील की बजाय चांदी या तांबे के बर्तनों में पानी पीना चाहिए, जो आपके चंद्रमा और शुक्र को मजबूती प्रदान करता है और राहु छाया की ऊर्जा को संतुलित करता है. ये छोटे-छोटे दैनिक अभ्यास बड़े ज्योतषीय बदलाव का कारण बनते हैं.
Published at : 06 Nov 2025 02:08 PM (IST)
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