Interstellar Comet 3I Atlas: अंतरिक्ष में आजकल बेहद अनोखी और रहस्यमयी चीज बहुत ज्यादा तेज स्पीड से घूम रही है, जिसे देखकर वैज्ञानिक हैरान हैं और इसे दूसरी दुनिया से आए एलियंस का शिप कह रहे हैं. इस चीज को इंटरस्टेलर कॉमेट 3i एटलस नाम दिया गया है, जिसे पहली बार जुलाई 2025 में देखा गया था और 29 अक्टूबर 2025 को यह सूर्य के पास से गुजरा, जहां सूरज की रोशनी पड़ते ही इसका रंग भी बदल गया. इस घटना ने भी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को चौंकाया, वहीं अब यह चीज धरती की ओर बढ़ रही है और डर है कि कहीं यह धरती से टकरा न जाए.
Elon Musk on Joe Rogan Experience #2404 talk about Comet 3I/ATLAS
Joe: Are you paying attention at all to 3I/ATLAS
? Are you watching it?Elon: It’s the comet? Yeah. Yeah. I mean, one thing |
can say is like, look, I if I was aware of any evidence of aliens, you Joe, you have… pic.twitter.com/7xKQru4zxq— Jakub (@Jakub_AI_Art) October 31, 2025
एलन मस्क ने किया एलियंस पर दावा
स्पेस की दुनिया में सबसे ज्यादा एक्टिव कंपनी स्पेसएक्स के CEO एलन मस्क ने एक पॉडकास्ट में इंटरस्टेलर कॉमेट 3i एटलस और एलियंस को लेकर पूछे गए सवालों केा जवाब दिया. एलन मस्क ने कि एलियंस नहीं, अगर ऐसा होगा तो सबसे पहले मैं दुनिया को उनके बारे में बताऊंगा और यह वादा करता हूं कि एलियंस को दुनिया से मैं ही रूबरू कराऊंगा. एक और वादा करता हूं कि मैं कभी सुसाइड नहीं करुंगा, वरना दुनिया कहेगी कि एलन मस्क को एलियंस के बारे में बताने से रोका गया. 3i एटलस अगर कोई जहाज हुआ और धरती से टकराया तो एक पूरा महाद्वीप गायब हो जाएगा.
🚨 3I/ATLAS MYSTERY DEEPENS 👁️
BREAKING: Scientists have detected pure nickel gas — with ZERO iron — blasting from the interstellar object 3I/ATLAS.
This has NEVER been seen before in nature. Even comets and asteroids in our solar system don’t do this.
NASA is silent.… pic.twitter.com/EMt7aF80D0
— Ezee (@EzeemmaCraic) October 27, 2025
क्या है इंटरस्टेलर धूमकेतु 3I एटलस?
इंटरस्टेलर धूमकेतु 3I एटलस को C/2025 N1 (एटलस) भी कहते हैं, जो सौरमंडल में अचानक आया. 1I/Oumuamua (2017) और 2I/Borisov (2019) के बाद यह तीसरा धूमकेतु है, जिसे अंतरिक्ष में देखा गया. 1 जुलाई 2025 को चिली के रियो हर्टाडो में स्थित ATLAS (एस्ट्रॉयड टेरेस्ट्रियल इम्पैक्ट लास्ट अलर्ट सिस्टम) नामक टेलीस्कोप से इसे देखा गया. टेलीस्कोप के नाम पर ही इसका नाम एटलस रखा गया और 3I का मतलब तीसरा इंटरस्टेलर है. 2 जुलाई 2025 को आधिकारिक रूप से अंतरिक्ष में इसके होने की घोषणा की गई.
Standby for a cosmic show! 🌌
The interstellar visitor 3I/ATLAS, hurtling through our Solar System at over 130,000 mph, isn’t just a fleeting comet it’s a galactic storyteller.
🔭Latest update:
• Confirmed hyperbolic orbit → came from beyond our Sun.
• Spectroscopy shows… pic.twitter.com/twREMw2nD2— KAMLESH DABHHI (@kamleshdabhhi) October 30, 2025
29 अक्टूबर को सूर्य के पास से गुजरा
जब एटलस को पहली बार देखा गया तो यह बृहस्पति ग्रह के पास था. इसके चारों तरफ गैस और धूल का गुबार है. अंतरिक्ष में घूमते हुए एटलस 29 अक्टूबर को सूर्य के बेहद पास से गुजरा. सूर्य से इसकी दूरी 21 करोड़ किलोमीटर थी और 30 अक्टूबर को यह मंगल की कक्षा के अंदर आया. 19 दिसंबर को एटलस धरती से 27 करोड़ किलोमीटर दूर होगा, लेकिन इसके धरती से टकराने की संभावना नहीं है. एटलस की स्पीड 58 किलोमीटर प्रति सेकंड और नवंबर के आखिर में यह सौरमंडल से बाहर निकलकर अपनी दुनिया में गायब हो जाएगा.
☄️ Interstellar Comet 3I/ATLAS: The Strangest Story in Space Right Now! 👽🚀
Is it breaking apart… or revealing something hidden inside? The mystery deepens every hour. 🛰️✨ pic.twitter.com/i0nRpGdmbd
— World News X (@WorldNews_X_) October 31, 2025
बर्फ से बना और धूल-गैस का गुबार
एटलस की उम्र 3 से 11 अरब वर्ष हो सकती है, जो सौरमंडल की उम्र से कहीं ज्यादा है. एटलस ठोस बर्फ से बना है और इसके चारों ओर धूल के साथ गैस का गुबार है. इसकी परत 50 से 65 फीट मोटी और गहरी है. CO2, पानी, CO, कार्बोनिल सल्फाइड और बर्फ से बने एटलस से निकेल वाष्प निकल रही है. इसकी बाहरी परत लाल रंग की है, लेकिन सूर्य के पास से गुजरने पर इसका रंग नीला हो गया था. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक एवी लोएब ने नासा पर एटलस के बारे में अहम जानकारियां छिपाने का आरोप लगाया है.
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