सुबह की धूप से लेकर स्ट्रेस मैनेजमेंट तक, जानिए ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के 5 आसान तरीके

एक्सपर्ट के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए रोजाना थोड़ी देर एक्सरसाइज करना और सुबह की धूप लेना जरूरी है. वॉकिंग, जॉगिंग, साइकलिंग, स्विमिंग या कोई भी एक्टिविटी शरीर को मजबूत बनाती है और विटामिन डी से इम्यून सिस्टम बेहतर होता है. जिससे ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है.

एक्सपर्ट के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए रोजाना थोड़ी देर एक्सरसाइज करना और सुबह की धूप लेना जरूरी है. वॉकिंग, जॉगिंग, साइकलिंग, स्विमिंग या कोई भी एक्टिविटी शरीर को मजबूत बनाती है और विटामिन डी से इम्यून सिस्टम बेहतर होता है. जिससे ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है.

इसके अलावा एक्सपर्ट्स बताते हैं कि प्रोटीन सिर्फ मसल्स बनाने के लिए नहीं बल्कि शरीर के टिशूज रिपेयर करने और एंटीबॉडी बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इम्यून सिस्टम को बैक्टीरिया और कैंसर सेल से लड़ने के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है. इसलिए हर दिन अपने खाने में आप पर्याप्त प्रोटीन शामिल करके भी ब्रेस्ट कैंसर से बच सकते हैं.

इसके अलावा एक्सपर्ट्स बताते हैं कि प्रोटीन सिर्फ मसल्स बनाने के लिए नहीं बल्कि शरीर के टिशूज रिपेयर करने और एंटीबॉडी बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इम्यून सिस्टम को बैक्टीरिया और कैंसर सेल से लड़ने के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है. इसलिए हर दिन अपने खाने में आप पर्याप्त प्रोटीन शामिल करके भी ब्रेस्ट कैंसर से बच सकते हैं.

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कैंसर का खाना शुगर होता है. ऐसे में वह सलाह देते हैं कि जंक फूड, मिठाइयां, चॉकलेट, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और अल्कोहल का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए. एक्सपर्ट बताते हैं कि कभी-कभी इन चीजों का सेवन ठीक है, लेकिन इन्हें रोजमर्रा की लाइफस्टाइल का हिस्सा न बनाना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है.

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कैंसर का खाना शुगर होता है. ऐसे में वह सलाह देते हैं कि जंक फूड, मिठाइयां, चॉकलेट, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और अल्कोहल का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए. एक्सपर्ट बताते हैं कि कभी-कभी इन चीजों का सेवन ठीक है, लेकिन इन्हें रोजमर्रा की लाइफस्टाइल का हिस्सा न बनाना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है.

वहीं लगातार तनाव और नींद की कमी से शरीर का हार्मोनल बैलेंस बिगड़ता है और इम्यून सिस्टम कमजोर होता है. इससे कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.  ऐसे में शरीर के लिए पर्याप्त नींद और मानसिक शांति जरूरी होती है, जिससे ब्रेस्ट कैंसर से बचा जा सकता है.

वहीं लगातार तनाव और नींद की कमी से शरीर का हार्मोनल बैलेंस बिगड़ता है और इम्यून सिस्टम कमजोर होता है. इससे कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में शरीर के लिए पर्याप्त नींद और मानसिक शांति जरूरी होती है, जिससे ब्रेस्ट कैंसर से बचा जा सकता है.

इसके अलावा एक्सपर्ट्स बताते हैं कि हर महिला को महीने में एक बार ब्रेस्ट की सेल्फ एग्जामिनेशन करनी चाहिए और साल में एक बार डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए. जिससे समय पर पता चलने पर ब्रेस्ट कैंसर का इलाज पूरी तरह संभव हो सकता है.

इसके अलावा एक्सपर्ट्स बताते हैं कि हर महिला को महीने में एक बार ब्रेस्ट की सेल्फ एग्जामिनेशन करनी चाहिए और साल में एक बार डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए. जिससे समय पर पता चलने पर ब्रेस्ट कैंसर का इलाज पूरी तरह संभव हो सकता है.

Published at : 02 Nov 2025 09:31 PM (IST)

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