पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार (1 नवंबर 2025) को कहा कि उनका देश इस समय दो मोर्चों की जंग की स्थिति में है. उन्होंने कहा कि भारत की कोशिश है कि पाकिस्तान पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर उलझा रहे ताकि उसकी सैन्य और आर्थिक ताकत कमजोर हो जाए. यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर हिंसक झड़पें हुईं और कतर व तुर्की की मध्यस्थता से दोनों देशों ने अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई.
आसिफ ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नई दिल्ली लंबे समय से अफगानिस्तान का इस्तेमाल छद्म युद्ध (Proxy War) के लिए कर रही है. उन्होंने कहा कि अशरफ गनी के शासनकाल से ही भारत पाकिस्तान के खिलाफ पर्दे के पीछे से हमला करवा रहा है. अब हमारे पास इसके ठोस सबूत हैं, जो वक्त आने पर पेश किए जाएंगे. उन्होंने दावा किया कि तालिबान की मौजूदा सरकार भी भारत के प्रभाव में काम कर रही है और कहा काबुल में जो कुछ हो रहा है, उसका रिमोट दिल्ली के हाथ में है.
हाल की झड़पें और ऑपरेशन सिंदूर की गूंज
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर हाल में हुई गोलीबारी के बाद दोनों देशों के रिश्ते और तनावपूर्ण हो गए हैं. तुर्की और कतर की मध्यस्थता से इस्तांबुल में हुई वार्ता में दोनों पक्षों ने संघर्षविराम पर सहमति दी, लेकिन सीमा पर तनाव अभी भी बना हुआ है. ख्वाजा आसिफ ने भारत पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस मौके का फायदा उठाकर पूर्वी सीमा पर कोई गंदी चाल चल सकता है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हर चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है. उनका यह बयान ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद सामने आया है, जब मई 2025 में भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और सीमा पार स्थित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी.
अफगानिस्तान से रिश्ते क्यों बिगड़े?
पिछले कुछ महीनों से इस्लामाबाद और काबुल के बीच रिश्ते लगातार खराब हो रहे हैं. पाकिस्तान का कहना है कि अफगान सरहद पार से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकी हमले कर रहे हैं, जबकि तालिबान सरकार का कहना है कि पाकिस्तान अपनी नाकाम सुरक्षा नीतियों की जिम्मेदारी उस पर डाल रहा है.
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