Who was Ahmed al-Rahawi: इजरायल के अटैक में हूती प्रधानमंत्री अहमद-अल-रहावी की मौत हो गई है। यमन की राजधानी सना में उनके घर पर इजरायल ने एयर स्ट्राइक की। यमन की सरकार को हूती विद्रोही कंट्रोल करते हैं। इस हमले में पीएम समेत कई मंत्रियों की भी मौत हो गई। अहमद-अल-रहावी पर इससे पहले भी कई बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। आइए जानते हैं कौन थे अहमद-अल-रहावी…
कौन थे अहमद-अल-रहावी?
अहमद अल रहावी का पूरा नाम अहमद गालिब नासिर अल-रहावी अल-याफी था। वह 10 अगस्त 2024 से हूती के नेतृत्व वाली सरकार चला रहे थे। वह जनरल पीपुल्स कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे। इससे पहले सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल में जिम्मेदारी निभा चुके थे। यमन में अबयान प्रांत के खानफर से आने वाले अहमद, अल-रहावी जनजाति से जुड़े थे। उनके पिता दिग्गज नेता रहे। उनका नाम गालिब नासिर अल-रहावी था। दिग्गज नेता की 1970 में हत्या हो गई थी। इसके बाद अहमद-अल-रहावी सक्रिय राजनीति में आए। करीब 8 साल पहले भी उनके परिवार पर हमला हुआ था। रहावी के घर पर बा तैस में 2015 में अल कायदा ने हमला किया था। इस हमले में पूरा घर ध्वस्त हो गया था और परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। हालांकि रहावी बच गए।
पिछले साल बने प्रधानमंत्री
उन्होंने साल 2005 से लेकर 2015 तक कई उच्च स्तरीय पद संभाले। वह खानफार जिले की स्थानीय परिषद के महानिदेशक और अध्यक्ष से लेकर अल महवित और अबयान प्रांत के उप-राज्यपाल रह चुके थे। अपने घर पर हमले के बाद वह यमन की राजधानी सना में शिफ्ट हो गए। बाद में अबयान प्रांत के राज्यपाल बनने के बाद साल 2019 में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी गई। हूती के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें पॉलिटिकल काउंसिल में लाया गया। इसके बाद उन्हें पिछले साल 10 अगस्त को सर्वोच्च राजनीतिक परिषद ने प्रधानमंत्री चुना। हूती विद्रोहियों ने उनकी मौत की पुष्टि की है।
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रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख की मौत की भी खबर
हूती विद्रोही सशस्त्र समूह के अनुसार, ये हमला उस वक्त हुआ, जब शीर्ष नेता और अधिकारी 1 साल में सरकार के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए एक वर्कशॉप में शामिल होने गए। इसी दौरान इजरायल ने एयर स्ट्राइक की। बताया जा रहा है कि पीएम अहमद अल रहावी के साथ ही रक्षा मंत्री मोहम्मद अल अती और सेना प्रमुख मोहम्मद अब्द अल करीम भी इस हमले में मारे गए। बता दें कि इजरायल और हूती विद्रोहियों के बीच पिछले कुछ साल से भयंकर जंग छिड़ी है। 28 अगस्त को हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया था। इसके बाद इजरायल ने यमन में बमबारी की थी। इजरायल ने राष्ट्रपति भवन को भी निशाना बनाया था।
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कौन हैं हूती विद्रोही?
हूती विद्रोह यमन के उत्तरी भाग से शुरू हुआ था। इसे गृहयुद्ध या सदाह युद्ध के नाम से भी जाना जाता है। इस विद्रोह की शुरुआत शिया जैदी सम्प्रदाय के धर्मगुरू हुसैन बद्द्रुद्दीन अल-हूती ने की थी। हथियारबंद समूह ने यमन सरकार के खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया था। इसका नतीजा ये हुआ कि देश का एक बड़े हिस्से पर हूती विद्रोहियों का कब्जा हो गया। शिया मुस्लिमों के सबसे बड़े आदिवासी संगठन सुन्नी इस्लाम की सलाफी विचारधारा के खिलाफ है। हूती विद्रोहियों को हमास, हिजबुल्लाह, फिलिस्तीन और ईरान समर्थक माना जाता है। ईरान पर हूती विद्रोहियों को मिसाइलें देने का भी आरोप है। कुछ समय पहले हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में इजरायल के मालवाहक जहाजों को भी निशाना बनाया था। हूती विद्रोहियों का कहना है कि उसने ये हमले फिलिस्तीन के समर्थन में एकजुटता दिखाने के लिए किए हैं।
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