Adi Vinayaka Temple: इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त 2025 बुधवार के दिन देशभर में मनाया जाएगा. गणेश जी जिन्हें विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है. अक्सर उनका स्मरण करते वक्त मन-मस्तिष्क में लंबी सूंड या हाथी के सिर वाले देवता की छवि बनती है.
लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में गणेश जी का एकमात्र ऐसा मंदिर भी है, जहां वो मानव सिर के साथ विराजमान है. जी हां गणपति जी का ये मंदिर तमिलनाडु के थिलाथर्पणपुरी में स्थित है. इस मंदिर का नाम आदि विनायकर है.
मंदिर में गणेश जी मूल रूप में विराजमान
आदि विनायकर मंदिर में गणेश जी हाथी के सिर वाले देवता नहीं बल्कि मानव सिर के साथ विराजमान हैं. दरअसल मंदिर में स्थापित गणेश जी की मूर्ति उनके मूल रूप को दर्शाती है, जिसे देवी पार्वती ने गणपति महाराज को हाथी का सिर दिए जाने से पहले बनाया था.
यह दुर्लभ चित्रण इस मंदिर को अपने आप में अनूठा और महत्वपूर्ण बनाता है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु गणपति महाराज के मूल रूप के दर्शन करने आते हैं. मान्यताओं के मुताबिक यहां की गई प्रार्थनाओं से सभी तरह की बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में नई शुरुआत का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
भगवान राम का संबंध इस मंदिर से
गणेश जी का ये मंदिर पैतृक संस्कार यानी पितृ तर्पण के लिए पवित्र स्थल है. पौराणिक कथाओं के मुताबिक भगवान राम ने अपने राजा दशरथ के लिए इस मंदिर में अनुष्ठान किया था.
मंदिर के अंदर गणेश जी की मूल मूति की लंबाई 5 फुट की है, जिन्हें सांपों से सुसज्जित किया गया है, तथा उनके हाथों में कुल्हाड़ी, रस्सी, कमल और मोदक हैं. उनकी ये रूप शक्ति, पवित्रता और आध्यात्मिकता का प्रतीक है.
गणेश चतुर्थी और महाशिवरात्रि पर भव्य अनुष्ठान
गणेश चतुर्थी और महा शिवरात्रि जैसे त्योहारों पर यहां भव्य अनुष्ठान देखने को मिलता है. इसके साथ प्रत्येक गुरुवार को मंदिर में आदि विनायक को समर्पित विशेष तरह की पूजा भी की जाती है. अगर आपको लगता है कि आप गणेश जी के इस रूप के बारे में जानते हैं, दोबारा सोचने की जरूरत है.
आदि विनायक मंदिर वो स्थान हैं जहां आप गणपति महाराज से उनके उसी मूल रूप से मिलेंगे जैसे वो कभी थे, एक मानवीय चेहरे के साथ आपको उनके दर्शन होंगे. इस गणपति मुमकिन हो तो आदि विनायक मंदिर के दर्शन करने जरूर जाएं.
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