Maharashtra: भारत पर अमेरिका के टैरिफ पर CM देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान, ‘इस आपदा को…’

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अपने माल के लिए वैकल्पिक बाजार तलाश कर टैरिफ की आपदा को अवसर में बदलना चाहिए. अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले माल पर टैरिफ लगाकर इंडिया को मुश्किल में डालने का प्रयास किया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, अमेरिका द्वारा पैदा की गई चुनौतियों से भयभीत हुए बिना अपने कदम उठा रहा है. 

‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए स्वतंत्र ‘वॉर रूम’

सह्याद्री गेस्ट हाउस में वैश्विक आयात-निर्यात नीति के संदर्भ में किए जाने वाले उपायों पर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बोल रहे थे. सीएम ने कहा, ”इस आपदा को अवसर मानकर राज्य के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अधिकतम सुधार किए जाएं. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्वतंत्र ‘वॉर रूम’ बनाया जाए.” मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए बनाए जाने वाले वॉर रूम की समीक्षा हर महीने की जाएगी.

औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए हो स्पष्ट नीति- सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा, ”राज्य में निजी औद्योगिक पार्कों के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए. महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल को औद्योगिक कॉलोनियों के बाहर ऐसे औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए स्पष्ट नीति लानी चाहिए. इसमें लघु और मध्यम उद्योगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. इसके माध्यम से उद्यमियों को उद्योगों के लिए जरूरी लाइसेंस तुरंत मिल सकें, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए. इससे राज्य में उद्योगों के माध्यम से निश्चित रूप से समृद्धि आएगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.”

‘सिंगल विंडो पोर्टल को और मजबूत बनाने की जरूरत’

CM फडणवीस ने आगे कहा, ”नए उद्योगों के साथ-साथ वर्तमान में मौजूद उद्योगों के विकास के लिए भी सरकार निश्चित रूप से सकारात्मक है. उद्योगों की अनुमति हेतु मौजूद सिंगल विंडो पोर्टल को और अधिक सक्षम बनाया जाना चाहिए, ताकि अनुमति देने में समय न लगे. राज्य में पांच हेक्टेयर क्षेत्र के ऊपर कृषि प्रक्रिया या कृषि आधारित उद्योगों के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति की जरूरत न हो, इसके लिए सिस्टम कार्यान्वित किया जाए.

उद्योगों के विकास के लिए सुधार हों- फडणवीस

उन्होंने कहा, ”ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए समय-समय पर कानून में संशोधन किए जाते हैं. इन सुधारों के बारे में संबंधित सिस्टम को अवगत कराना चाहिए. उद्योग आने और मौजूदा उद्योगों के विकास के लिए जो सुधार किए जाएं, वे वास्तव में प्रभावी साबित हों, ऐसे ही ‘रिफॉर्म’ किए जाएं.”

फडणवीस ने ये भी कहा, ”शहर के पास लगाए जाने वाले उद्योगों को कई तरह की परमिशन लेनी पड़ती है. परमिशन मिलने की अवधि न्यूनतम कर दी जाए और उन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सके, इसकी व्यवस्था की जाए. उद्योगों के लिए जरूरी भूमि के सर्वेक्षण की प्रक्रिया तेजी से की जाए. पर्यावरण को हानि न पहुंचाने वाले उद्योगों के प्रदूषण संबंधी मामलों में अतिरिक्त दंड न लगाया जाए, इसका ध्यान रखा जाए.

‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए सुधार

  • उद्योग शुरू करने के लिए अग्निशमन लाइसेंस को 12 महीने की अवधि के लिए देने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य.
  • उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए ‘मैत्री कानून 2023’ पारित.
  • उद्योगों की बिजली कनेक्शन के लिए मैत्री सिंगल विंडो सिस्टम लागू.
  • नए बिजली कनेक्शन के लिए केवल दो दस्तावेज जरूरी.
  • उद्योगों को भवन निर्माण हेतु बिल्डिंग प्लान मैनेजमेंट सिस्टम लागू.
  • एमआईडीसी से भूखंड प्राप्त करने हेतु मिलाप (इंडस्ट्रियल लैंड एप्लिकेशन एंड अलॉटमेंट पोर्टल) लागू.

क्या-क्या और सुधार किए जाएंगे?

  • उद्योग लगाने हेतु प्लॉट की त्वरित उपलब्धता के लिए लैंड बैंक की रचना.
  • प्लॉट वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और गतिशील बनाना.
  • पर्यावरणीय अनुमति 60 दिनों के भीतर देने की व्यवस्था.
  • जिला स्तर पर निवेश बढ़ाने के लिए स्वतंत्र और सक्षम तंत्र की स्थापना.
  • निर्यात बढ़ाने के लिए डेडिकेटेड एक्सपोर्ट पोर्टल का निर्माण.
  • समूह विकास के माध्यम से उद्योगों की स्थापना हेतु एक तालुका एक समूह विकास उपक्रम लागू किया जाएगा.

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