Krishna Janmashtami 2025: जन्माष्टमी पर पंचामृत का महत्व और बनाने की विधि, भगवान कृष्ण की कृपा होगी प्राप्त!

Krishna Janmashtami 2025: जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म उत्सव के रूप में देशभर में बड़ी श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाता है. यह पर्व भक्ति, उल्लास और आस्था का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन जो भक्त विधि-विधान से पूजन और श्रद्धा से भोग लगाता है, उनसे भगवान श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं.

शास्त्रों और पुराणों के मुताबिक पंचामृत पांच पवित्र तत्व दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल के मिश्रण से बनाया जाता है और इसका विशेष महत्व है. पंचामृत को भोग के अलवा भगवान को स्नान कराने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है.

जन्माष्टमी के दिन पर लड्डू गोपाल को पंचामृत से स्नान कराने की भी परंपरा है. जिसके पश्चात इसे भक्तों के बीच प्रसाद के रूप में वितरण किया जाता है. 

पंचामृत भोग के फायदे 
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया पौराणिक मान्यता में बताया गया है कि पंचामृत धार्मिक दृष्टि से गुणकारी माना गया है, साथ ही आयुर्वेदिक दृष्टि से भी लाभकारी माना जाता है.

पंचामृत में मौजूद दूध, दही शरीर को ठंड़ा रखने में मदद करता है. वहीं घी और शहद रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ ऊर्जा स्रोत भी बढ़ाता है, और गंगाजल को पवित्रता का प्रतीक माना गया है. 

पंचामृत बनाते समय इन बातों का रखना चाहिए ध्यान 

  • पंचामृत बनाते वक्त पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
  • इसे बनाने से पहले  स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहने, और मन में भगवान का ध्यान रखें
  • शुद्ध पात्रों का प्रयोग आवश्य करें
  • पंचामृत को परंपरागत रूप से चांदी या पीतल के पात्र में बनाना शुभ माना जाता है.

मंदिरों में जन्माष्टमी की धूम 
जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल का पंचामृत से आभिषेक कराया जाता है. इसके बाद उन्हें फूल, माखन-मिश्री, सूखे मेवे और ताजे फलों से भोग लगाया जाता है. जिसके बाद रात्रि 12 बजे  श्रीकृष्ण का जन्मदिन मनाय जाता है. भजन-कीर्तन और आरती के साथ पूजा होती है.

पूजा समापन के बाद भक्त पंचामृत का प्रसाद ग्रहण करते है, जिसे वह सौभाग्य और आशीर्वाद प्राप्ति का माध्यम मानते हैं. इस समय मंदिरों को झालर, फूल और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाता है. श्रद्धालु बड़े उत्साह से पंचामृत और अन्य भोग की व्यवस्था भी करते हैं. 

ज्योतिषाचार्य से जानें पंचामृत का महत्व
ज्योतिषाचार्य डा.अनीष व्यास ने बताया कि अगर आप अपने घर में भगवान का आशीर्वाद स्थायी रूप से चाहते है, तो पंचामृत का भोग अवश्य लगाएं और प्रसाद स्वरूप परिवार के सभी सदस्यों को ग्रहण करवाएं.

यह मात्र आस्था, परंपरा और धार्मिक ही नहीं, बल्कि समाज, परिवार में एकता और प्यार के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है. इसलिए इस जन्माष्टमी आप भी पंचामृत का भोग लगाकर भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त करें.

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