रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को लेकर दुनियाभर में हलचल मची है. इस मीटिंग से लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं. अमेरिका के अलास्का में होने वाली इस आगामी बैठक पर भारत भी नजर बनाए हुए है. मोदी सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए हालिया 50 फीसदी टैरिफ से निपटने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वो इस शुक्रवार को अलास्का में रूसी नेता व्लादिमीर पुतिन से मिलने की योजना पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. यह एक अचानक होने वाली शिखर वार्ता होगी, जिसमें ट्रंप एक बार फिर यूक्रेन में पुतिन के युद्ध को बातचीत के जरिए समाप्त करने के अपने लक्ष्य को आगे बढ़ाएंगे.
कहां होगी ट्रंप और पुतिन की मुलाकात ?
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की मुलाकात एंकोरेज के एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन अमेरिकी सैन्य अड्डे पर होगी. सोमवार (11 अगस्त, 20205) को व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि शायद पहले दो मिनट में मुझे पता चल जाएगा कि कोई समझौता हो सकता है या नहीं. जब एक पत्रकार ने पूछा कि कैसे तो ट्रंप ने जवाब दिया कि क्योंकि मैं यही करता हूं. मैं समझौते करता हूं.
रूस-यूक्रेन युद्ध के जल्द समाधान की उम्मीद में भारत
बता दें कि भारत में टैरिफ के लागू होने की समय सीमा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है. मोदी सरकार रूस-यूक्रेन युद्ध के जल्द समाधान की उम्मीद कर रही है. अमेरिका ने रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण भारत पर जुर्माना लगाते हुए अतिरिक्त टैरिफ भी लगाया है. अमेरिका के ट्रंप प्रशासन का कहना है कि भारत की तेल खरीद रूस को युद्ध के दौरान आर्थिक तौर पर मजबूत बना रही है.
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