FIIs Return: इस महीने अगस्त में पहली बार विदेशी निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार 8 अगस्त को बिकवाली से अधिक खरीदारी की। इस प्रकार इस महीने अगस्त में लगातार पांच कारोबारी दिनों की नेट निकासी की सिलसिला टूटा। पिछले महीने जुलाई में विदेशी निवेशकों ने लगातार चार महीने नेट खरीदारी के बाद ₹47,666.68 करोड़ की नेट बिकवाली की थी। एनएसई पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक इस महीने भी लगातार पांच कारोबारी दिनों में ₹15,951.68 करोड़ की नेट बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों ने शुक्रवार को ₹1,932.81 करोड़ की नेट खरीदारी की।
घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की बात करें तो मार्केट में इनका निवेश इस महीने भी जारी रहा। इस साल के हर महीने डीआईआईज ने नेट खरीदारी की है और इस महीने भी अब तक उन्होंने ₹36,795.52 करोड़ की नेट खरीदारी की है। इस महीने सबसे अधिक ₹10,864.04 करोड़ की नेट खरीदारी 7 अगस्त को की।
क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?
पिछले कुछ समय से मार्केट में बिकवाली का दबाव बना हुआ है। इसे लेकर जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार इस समय कंसालिडेशन के दौर से गुजर रहा है जो ट्रेड वार से जुड़ी चुनौतियों के चलते निवेशकों के कमजोर सेंटिमेंट को दिखाता है। अमेरिका के भारी-भरकम टैरिफ और कंपनियों की कमजोर तिमाही नतीजे ने बाजार के भरोसे को कम किया है। विदेशी निवेशकों की खासतौर से अमेरिकी मार्केट में अधिक एक्सपोजर वाले फार्मा स्टॉक्स में लगातार बिकवाली इस सतर्क रुझान को दिखाता है। विनोद नायर के मुताबिक रुपये की लगातार कमजोरी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
क्या हाल है मार्केट का?
घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 की बात करें तो यह लगातार छठा कारोबारी हफ्ता रहा, जब यह कमजोर हुआ है। इससे पहले लगातार छह हफ्ते तक यह फरवरी 2020 में टूटा था और फिर मार्च 2020 में लगातार सात हफ्ते तक निफ्टी टूटा था। निफ्टी 50 फिलहाल 24,363.30 पर है जोकि रिकॉर्ड हाई से 7% से अधिक नीचे है। पिछले साल 27 सितंबर 2024 को इंट्रा-डे में यह 26,277.35 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था। हालांकि इस रिकॉर्ड हाई को छूने के बाद टैरिफ वार और जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच निफ्टी 50 निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली के चलते 7 अप्रैल 2025 को 21,743.65 के लेवल तक आ गया था यानी कि रिकॉर्ड हाई से 17% से भी अधिक नीचे।
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