Venezuelan President Nicolas Maduro: किस देश के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करना चाहता है अमेरिका? लादेन से दोगुना रख दिया सिर पर इनाम

अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने घोषणा की है कि अमेरिका वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी में मददगार को जानकारी देने पर 5 करोड़ डॉलर का इनाम देगा. यह राशि पहले 2.5 करोड़ डॉलर थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है. बॉन्डी के मुताबिक, मादुरो पर दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क ट्रेन डी अरागुआ और सिनालोआ कार्टेल के साथ काम करने का आरोप है. अमेरिका का दावा है कि मादुरो और उनके करीबी सहयोगियों ने कोकीन की विशाल मात्रा अमेरिका में पहुंचाने की साजिश रची.

यह कोई नया आरोप नहीं है. 2020 में ट्रंप प्रशासन के दौरान मादुरो पर मैनहट्टन की संघीय अदालत में “मादक पदार्थ आतंकवाद” और “कोकीन आयात” के मामले में अभियोग लगाया गया था. उस समय इनाम 1.5 करोड़ डॉलर था, जिसे पहले बाइडन प्रशासन ने 2.5 करोड़ डॉलर और अब 5 करोड़ डॉलर तक बढ़ा दिया. इतनी बड़ी इनामी राशि का उदाहरण पहले ओसामा बिन लादेन के लिए देखा गया था, जब 9/11 हमलों के बाद अमेरिका ने 2.5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया था. मादुरो के लिए अब यह राशि उससे भी दोगुनी हो गई है, जो आरोपों की गंभीरता को दर्शाती है.

राजनीतिक पृष्ठभूमि और चुनावी विवाद
मादुरो वेनेजुएला की राजनीति में लंबे समय से विवादित चेहरा रहे हैं. अमेरिका, यूरोपीय संघ और कई लैटिन अमेरिकी देशों ने 2024 के चुनाव को धांधली करार देते हुए मादुरो को वैध राष्ट्रपति मानने से इनकार किया. इसके बजाय, उन्होंने विपक्षी उम्मीदवार को वैध राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दी. इसके बावजूद, मादुरो ने सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखी है. आलोचकों का कहना है कि उन्होंने सरकारी संस्थाओं, सेना और न्यायपालिका पर नियंत्रण के जरिए विपक्ष को कमजोर किया. अमेरिकी न्याय विभाग ने मादुरो से जुड़ी 700 मिलियन डॉलर से अधिक की संपत्ति जब्त की है, जिसमें निजी जेट भी शामिल हैं. बॉन्डी ने दावा किया कि जब्त की गई 70 लाख टन कोकीन की खेप का सीधा संबंध मादुरो से है.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और संभावित असर
अमेरिका की यह घोषणा केवल एक आपराधिक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक रणनीतिक राजनीतिक संदेश भी है. यह कदम वेनेजुएला की आंतरिक राजनीति पर दबाव बनाने और विपक्ष को मजबूत करने का प्रयास माना जा रहा है. यूरोपीय संघ पहले ही वेनेजुएला पर आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध लगा चुका है. लैटिन अमेरिका के कई देश भी मादुरो सरकार के खिलाफ हैं. दूसरी ओर, रूस, चीन और ईरान जैसे देश मादुरो को समर्थन देते हैं, जिससे यह मुद्दा एक अंतरराष्ट्रीय शक्ति-संतुलन का हिस्सा बन गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी इनामी राशि से मादुरो के करीबी नेटवर्क में दरार पड़ सकती है, क्योंकि कोई भी व्यक्ति इतने पैसे के लालच में अमेरिका को जानकारी दे सकता है.

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