रक्षाबंधन का पर्व हर साल सावन पूर्णिमा दिन मनाया जाता है. इस साल यह रक्षाबंधन या राखी का त्योहार शनिवार, 9 अगस्त 2025 को है. रक्षाबंधन प्रेम, सुरक्षा और सम्मान का त्योहार है. इस दिन विशेषकर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी आयु और स्वस्थ जीवन की कामना करती है. तो वहीं भाई बहन को जीवनभर उसकी रक्षा करने का वचन देता है.
सिर्फ भाई-बहन का त्योहार नहीं ‘रक्षाबंधन’
वैसे तो बचपन से ही हम सभी यही देखते आए हैं कि, रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती है और इसलिए इसे भाई-बहन का पर्व माना जाता है. लेकिन यह त्योहार केवल भाई बहन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस दिन अन्य लोगों को भी राखी बांध सकते हैं. आइए जानते हैं रक्षाबंधन पर कौन किसे बांध सकता है राखी. इसे लेकर शास्त्र और परंपरा में क्या है.
राखी बांधने की परंपरा
राखी का असल भाव तो रिश्ते से अधिक प्रेम, स्नेह, सम्मान और विश्वास से जुड़ा है. इसलिए तो रक्षाबंधन पर केवल भाई नहीं बल्कि जिसे हम भाई की तरह मानते हैं, उन्हें भी राखी बांध सकते हैं. यह त्योहार केवल रक्त संबंधों तक सीमित नहीं है. आइये जानते हैं कौन किसे बांध सकता है राखी.
- भगवान को बांधे पहली राखी- रक्षाबंधन के दिन सबसे पहली राखी भगवान को बांधनी चाहिए. जिनके भाई नहीं हैं, वो बहनें भी रक्षाबंधन के दिन भगवान को राखी बांध सकती है. क्योंकि ईश्वर ही हमारे रक्षक हैं. इस दिन आप श्रद्धापूर्वक श्रीकृष्ण, भगवान गणेश, शिवजी या श्रीराम भगवान को राखी बांध सुरक्षा की कामना कर सकते हैं.
- गुरु और शिक्षक को- भाई के अलावा महिलाएं अपने गुरु या शिक्षक को भी राखी बांध सकते हैं. क्योंकि गुरु या शिक्षक के ज्ञान से हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है.
- सैनिकों को- सरहद की सीमा पर तैनात सैनिक हमारे देश की रक्षा करते हैं. इसलिए रक्षाबंधन पर इन्हें भी राखी बांध सकते हैं.
- कई लोग रक्षाबंधन पर पुरोहित या पंडित और पेड़-पौधों को भी रक्षासूत्र बांधते हैं.
महिलाएं किसे नहीं बांधें राखी
आधुनिक युग की परंपरा के अनुसार, पत्नी को अपने पति को राखी नहीं बांधनी चाहिए, क्योंकि दोनों का रिश्ता भाई-बहन का नहीं होता है. हालांकि पौराणिक कथाओं में ऐसा वर्णन मिलता है कि, इंद्र की पत्नी इंद्राणी ने युद्ध के समय इंद्र की रक्षा के लिए उसे रक्षासूत्र बांधी थी.
इसके साथ ही प्रेम संबंधों से जुड़े पुरुषों को भी अपनी प्रेमिका से राखी नहीं बंधवानी चाहिए. मान्यता है भी है कि, ससुराल पक्ष के पुरुषो को भी राखी नहीं बांधनी चाहिए. हालांकि विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक परंपरा और रीति-रिवाजों में अंतर भी होता है.
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q. क्या सिर्फ सगे भाई को ही राखी बांध सकते हैं?
A. नहीं, आप रक्षाबंधन पर चचेरे, ममेरे, मौसेरे भाई या जन्हें भाई समान मानते हैं उन्हें भी राखी बांध सकते हैं.
Q. क्या भाई भी बहन को राखी बांध सकता है?
A. नहीं, विशेष रूप से ऐसी परंपरा नहीं है.
Q. क्या बहन अपनी बहन को रक्षाबंधन पर राखी बांध सकती है?
A. हां, भावनात्मक रूप से बहनें एक दूसरे को राखी बांधकर एक दूसरे की रक्षा का संकल्प ले सकती है.
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