भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने गुरुवार (7 अगस्त 2025) को रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से मुलाकात की. मॉस्को में हुई इस बैठक में शोइगु ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया. शोइगु ने डोभाल के साथ बैठक के बाद कहा कि दोनों देश मजबूत, समय की कसौटी पर खरे उतरे मैत्री संबंधों से जुड़े हुए हैं. इस बैठक के बाद शोइगु ने अमरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी बड़ा संदेश दिया है.
भारत के साथ रिश्ते सबसे पहले- रूस
न्यूज एजेंसी तास की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देशों के बीच अब बहुस्तरीय विश्वास-आधारित राजनीतिक वार्ता प्रभावी ढंग से काम कर रही है. यह राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच नियमित संपर्कों पर आधारित है. हमारे नेताओं के बीच अगली पूर्ण वार्ता की तारीखें निर्धारित करना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि मॉस्को के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात भारत के साथ विशेष रणनीतिक साझेदारी को व्यापक रूप से मजबूत करना है. हमारे लिए एक-दूसरे के हितों का सम्मान सर्वोपरि है.”
साथ मिलकर करेंगे खतरों का मुकाबला- रूस
सर्गेई शोइगु ने इशारों-इशारों में दुनिया से अमेरिकी दादागिरी का तोड़ ढूंढ़ने के लिए कहा है. इतना ही उन्होंने किसी भी खतरे से भारत के साथ मिलकर मुकाबला करने की भी बात कही है. उन्होंने नई विश्व व्यवस्था बनाने को लेकर भी संकेत दिए. शोइगु ने कहा, ‘‘हम एक नई अधिक न्यायसंगत और टिकाऊ विश्व व्यवस्था बनाने, अंतरराष्ट्रीय कानून का शासन सुनिश्चित करने, आधुनिक चुनौतियों और खतरों का संयुक्त रूप से मुकाबला करने के लिए सक्रिय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”
भारत आएंगे रूसी राष्ट्रपति पुतिन
एनएसए अजीत डोभाल ने उम्मीद जताई कि शिखर बैठक द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए नई दिशा प्रदान करेगी और वार्ता का ठोस और स्थायी परिणाम सामने आएगा. शोइगु से मुलाकात के दौरान डोभाल ने कहा, “हमारे बीच अब बहुत अच्छे संबंध स्थापित हो चुके हैं, जिन्हें हम काफी महत्व देते हैं. यह एक रणनीतिक साझेदारी है. हम उच्च स्तर पर संवाद कर रहे हैं. हमें यह जानकर खुशी हुई कि राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा इस महीने के अंत में तय किया गया है.”
अजीत डोभाल की रूस यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया है. यही कारण है कि उनकी इस यात्रा पर दुनिया की नजर है. ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर एक्शन लिया है. पीएम मोदी ने भी इस दौरान पुतिन को भारत आने के लिए आमंत्रित किया था, जिसे राष्ट्रपति पुतिन ने स्वीकार किया.
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