Direct Tax Collection: आयकर विभाग ने कहा है कि भारत के शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह (net direct tax collections) में चालू वित्त वर्ष में 1.39 प्रतिशत की निगेटिव ग्रोथ देखने को मिली है। डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन पिछले वर्ष की समान अवधि के 4.65 लाख करोड़ रुपये था जबकि इस साल उसी अवधि में इसका कलेक्शन घटकर 4.58 लाख करोड़ रुपये रहा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने कहा कि 19 जून तक 4.58 लाख करोड़ रुपये के शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में 1.72 लाख करोड़ रुपये का कॉर्पोरेट टैक्स (रिफंड के बाद शुद्ध टैक्स), 2.72 लाख करोड़ रुपये का गैर-कॉर्पोरेट टैक्स और 13,013 करोड़ रुपये का सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (रिफंड के बाद शुद्ध टैक्स) शामिल है।
प्रत्यक्ष कर या डायरेक्ट टैक्स वह होता है, जो किसी व्यक्ति की आय या मुनाफे पर लगाया जाता है। यह टैक्स व्यक्ति द्वारा सीधे सरकार को भुगतान किया जाता है। डायरेक्ट टैक्स के सामान्य उदाहरण आयकर (income tax), संपत्ति कर (property tax), कॉर्पोरेट कर (corporate tax), धन कर (wealth tax), उपहार कर (gift tax), प्रतिभूति लेनदेन कर (security transaction tax) और पूंजीगत लाभ कर (capital gains tax) हैं।
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सरकार ने 19 जून तक 86,385 करोड़ रुपये का डायरेक्ट टैक्स रिफंड जारी किया। जो 2024-25 की इसी अवधि की तुलना में 58.04 प्रतिशत अधिक है।
एक तरफ गैर-कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन में एडवांस टैक्स में 2.68 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि कॉर्पोरेट टैक्स में 5.68 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
टैक्स कलेक्शन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरकार को अपने राजकोषीय घाटे ( fiscal deficit ) के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करता है। जुलाई के बजट में केंद्र ने वित्त वर्ष 26 के लिए 4.4 प्रतिशत राजकोषीय घाटे का लक्ष्य निर्धारित किया।
कुल मिला कर रिफंड एडजस्ट करने से पहले, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 19 जून तक 5.45 लाख करोड़ रुपये था। जो एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 4.86 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
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