जून के दूसरे हफ्ते में शेयर बाजार से पीटना है पैसा? तो समझ लीजिए वो सारे फैक्टर जो तय करें मार्केट की अगली चाल RBI के अप्रत्याशित नीतिगत कदमों और घरेलू समर्थन से भारतीय बाजार ने दो हफ्तों की गिरावट के बाद वापसी की. निफ्टी 25,000 के पार और बैंक निफ्टी नए उच्च स्तर पर पहुंचा. आगामी सप्ताह में महंगाई, IIP और वैश्विक घटनाएं बाजार की दिशा तय करेंगी. एप में देखें

भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीसरे हफ्ते भी एक सीमित दायरे में कारोबार किया, लेकिन इस बार बाजार दो हफ्तों की गिरावट के बाद बढ़त के साथ बंद हुआ. घरेलू संकेतों की मजबूती ने निवेशकों में भरोसा लौटाया है, जिससे बाजार में नई ऊर्जा दिखी. यह सब तब हुआ जब वैश्विक स्तर पर व्यापार तनाव और टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता बनी हुई है. पिछले हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी 50 पूरे हफ्ते एक सीमित दायरे में रहे, लेकिन शुक्रवार को अचानक तेजी आई और दोनों सूचकांक हफ्ते की ऊंचाई के करीब बंद हुए. इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नीतिगत घोषणा रही, जिसने बाजार को चौंका दिया.

अब बाजार में आ सकती है तेजी

आरबीआई ने रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती करते हुए इसे 5.50% कर दिया, जो बाजार की उम्मीद से दोगुनी थी. इसके साथ ही कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) को भी 100 बेसिस प्वाइंट घटाकर 3% कर दिया गया, जो अप्रैल 2021 के बाद सबसे कम है. इस फैसले से बैंकों के लिए लोन देना आसान होगा और बाजार में नकदी बढ़ेगी.

शुक्रवार को निफ्टी 50 ने 252 अंकों की बढ़त के साथ 25,000 के लेवल को दोबारा पार किया, जो तीन हफ्तों में सबसे अच्छी बढ़त रही. सेंसेक्स भी 738 अंक चढ़कर 82,189 पर बंद हुआ. दोनों प्रमुख सूचकांकों में इस हफ्ते लगभग 1% की बढ़त रही. बैंक निफ्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1.5% की बढ़त के साथ 56,578.40 पर बंद हुआ और लगातार चौथे हफ्ते तेजी में रहा. इसमें नया ऑल-टाइम हाई भी दर्ज किया गया. वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने भी शानदार प्रदर्शन किया और 2.8% से 4% तक बढ़त हासिल की, जो निवेशकों की जोखिम उठाने की भावना को दर्शाता है.

ये फैक्टर तय करेंगे चाल

आगामी सप्ताह में बाजार की दिशा कुछ बड़े कारकों से तय होगी जैसे कि खुदरा महंगाई (CPI), औद्योगिक उत्पादन (IIP), विदेशी निवेश, मानसून की प्रगति और वैश्विक संकेत. इसके अलावा, कुछ नए आईपीओ भी इस हफ्ते बाजार में आ रहे हैं जिनमें मुख्यबोर्ड पर ओसवाल पंप्स और तीन SME IPO शामिल हैं. विदेशी निवेशकों (FIIs) ने इस हफ्ते ₹3,565 करोड़ की बिकवाली की, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹25,513 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को सपोर्ट दिया. एंजेल वन की रिपोर्ट के मुताबिक, FIIs के पास अभी भी भारत में निवेश बढ़ाने की बड़ी संभावनाएं हैं क्योंकि अन्य उभरते बाजारों की तुलना में भारत में उनकी हिस्सेदारी कम है.

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वैश्विक स्तर पर, व्यापार समझौते से जुड़ी खबरें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स का मूवमेंट बाजार की चाल को प्रभावित करेंगे. चीन की दुर्लभ खनिजों पर पाबंदी और अमेरिकी महंगाई आंकड़े भी अहम रहेंगे. तकनीकी रूप से निफ्टी 50 ने 24,500–25,100 की रेंज को छू लिया है. अगर यह 25,200 के ऊपर टिकता है तो नया अपट्रेंड शुरू हो सकता है. नीचे की ओर 24,400–24,600 का स्तर मजबूत समर्थन है. बैंक निफ्टी में अब अगला लक्ष्य 58,000 हो सकता है.

 

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