America’s advice to Pakistan: भारत की कूटनीति की नकल करते हुए पाकिस्तान ने अपना पक्ष रखने के लिए बिलावल भुट्टो के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल अमेरिका भेजा है, लेकिन पड़ोसी मुल्क का उल्टा दांव उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। दरअसल, अमेरिका के सांसद ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की क्लास लगाते हुए उन्हें आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को खत्म करने की नसीहत दे डाली। इस बात की जानकारी कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के सदस्य ने सोशल मीडिया के जरिये दी।
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अमेरिका के वरिष्ठ सांसद ब्रैड शरमैन ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को आतंकवाद और विशेष रूप से डेनियल पर्ल की हत्या करने वाले जैश-ए-मोहम्मद से लड़ने के लिए कहा। शरमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘पिछले महीने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद क्षेत्रीय तनाव, पाकिस्तान में लोकतंत्र और क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के बारे में खुलकर बातचीत करने के लिए बिलावल भुट्टो, पाकिस्तान के राजदूत शेख और हाउस फॉरेन अफेयर्स के नेतृत्व से मुलाकात की।’
अमेरिकी सांसद ने आगे लिखा, ‘मैंने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से आग्रह किया कि वे अपनी सरकार को डॉ. शकील अफरीदी को रिहा करने की आवश्यकता के बारे में बताएं, जो ओसामा बिन लादेन को मारने में संयुक्त राज्य अमेरिका की मदद करने के लिए जेल में बंद हैं। डॉ. अफरीदी को रिहा करना 9/11 के पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।’ भारत के सिंधु स्ट्राइक पर उन्होंने लिखा, ‘बैठक के दौरान सिंधु नदी के किनारे जल अधिकार पर चर्चा की गई। चीन को इस क्षेत्र में पानी को सीमित करने के लिए भारत के खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। भारत को सिंधु नदी को सीमित करने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। पाकिस्तान के भीतर, पंजाब और सिंध से होकर बहने वाला पानी उन लाखों पाकिस्तानियों के लिए सुलभ होना चाहिए जो जीवित रहने के लिए सिंधु नदी पर निर्भर हैं।’
जैश-ए-मोहम्मद को लेकर ब्रैड शरमैन ने लिखा, ‘मैंने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के समक्ष आतंकवाद, विशेषकर जैश-ए-मोहम्मद समूह से लड़ने के महत्व पर जोर दिया, जिसने 2002 में मेरे निर्वाचन क्षेत्र के निवासी डेनियल पर्ल की हत्या कर दी थी। पर्ल का परिवार अभी भी मेरे जिले में रहता है, और पाकिस्तान को इस घृणित समूह को खत्म करने और क्षेत्र में आतंकवाद से लड़ने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।’ उन्होंने लिखा, ‘पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। पाकिस्तान में रहने वाले ईसाई, हिंदू और अहमदिया मुसलमानों को हिंसा, उत्पीड़न, भेदभाव या असमान न्याय प्रणाली के डर के बिना अपने धर्म का पालन करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए।’
Met with @BBhuttoZardari, #Pakistan’s Ambassador Sheikh & House Foreign Affairs leadership for a candid conversation about regional tensions following last month’s India-Pakistan conflict, democracy in Pakistan, & counterterrorism in the region. 1/5 pic.twitter.com/NEbcGfY8TS
— Congressman Brad Sherman (@BradSherman) June 5, 2025
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