FIIs हुए मेहरबान, चढ़ेगा बाजार या फिर आएगी गिरावट? अनिल सिंघवी से समझें बाजार का पूरा समीकरण

Editor’s Take: तीन दिनों की लगातार बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को थोड़ी राहत दी. कैश सेगमेंट में FIIs ने ₹1076 करोड़ की खरीदारी की और नेट-नेट ₹616 करोड़ की खरीदारी बाजार में की. घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार बारहवें दिन खरीदारी जारी रखते हुए ₹2567 करोड़ की छोटी लेकिन स्थिर खरीदारी की. हालांकि यह कोई बड़ी खरीदारी नहीं है, लेकिन बिकवाली रुकने से बाजार को मानसिक राहत मिल सकती है. विश्लेषकों के अनुसार, निचले स्तरों पर, खासकर Nifty 24500 के आसपास, बाजार को मजबूत सपोर्ट मिल सकता है.

सुस्त शुरुआत पर क्या करें – खरीदें या बेचें?

यदि बाजार की शुरुआत सुस्त होती है तो तुरंत कोई कदम न उठाएं. बेहतर होगा कि निवेशक बाजार को किसी एक दिशा में साफ तौर पर बढ़ने दें. विश्लेषकों की सलाह है कि अगर बाजार नीचे की ओर सपोर्ट के पास आता है, तो वहां खरीदारी के मौके होंगे. वहीं, ऊपर की ओर जाने पर मुनाफावसूली की रणनीति अपनानी चाहिए. यानी बाजार दोनों ओर मूव दे सकता है, लेकिन सही स्तर पहचानकर ट्रेडिंग करें.

RBI पॉलिसी से पहले बैंकिंग शेयरों में रणनीति क्या हो?

RBI की मौद्रिक नीति बैठक से पहले बैंकिंग शेयरों में कोई बड़ा मूव आने की संभावना नहीं दिख रही है. बैंक निफ्टी फिलहाल 55250–55450 की रेंज में खरीदारी के लिए बेहतर माना जा रहा है. वहीं, 55900–56100 की रेंज में मुनाफावसूली हावी हो सकती है. उम्मीद है कि RBI ब्याज दरों में 0.25% की कटौती कर सकता है, लेकिन अगर कटौती 0.5% तक होती है, तो बैंकिंग शेयरों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है. इसलिए बैंक निफ्टी में कोई बड़ा मूव अब RBI पॉलिसी के बाद ही संभावित है.

ग्लोबल मार्केट्स का हाल और असर

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले-जुले संकेत हैं. अमेरिका में प्राइवेट नौकरियों के आंकड़े उम्मीद से काफी कम रहे, जिससे बाजार में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें फिर से जगी हैं. इसी के चलते डोनाल्ड ट्रंप ने फेड चेयरमैन जेरोम पावेल से कहा है कि अब तक ब्याज दरों में कटौती हो जानी चाहिए थी. वहीं, जियो-पॉलिटिकल स्तर पर रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर चिंता बढ़ी है. ट्रंप और पुतिन की बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला और संकेत मिल रहे हैं कि पुतिन युद्ध को और बढ़ा सकते हैं. अमेरिका में भी सरकारी खर्च को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. Dow Jones में चार दिन की तेजी के बाद ब्रेक लग गया है, जबकि Nasdaq लगातार तीसरे दिन मजबूत रहा है.

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