Delhi Power Cut BSES And Tata Power on AAP Aligation ann

Delhi Power Cut: राजधानी दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनी टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (Tata Power-DDL) और बीएसईएस ने बिजली कटौती के दावों पर सफाई दी है. बता दें कि आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली में बिजली कटौती को लेकर बीजेपी को घेर रही है. इस बीच कंपनियों ने बयान जारी किया है.

कंपनी ने साफ किया कि उत्तरी दिल्ली में बिजली आपूर्ति सामान्य है और किसी भी तरह की बड़ी समस्या नहीं है. कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सही जानकारी के लिए टाटा पावर-DDL और बीएसईएस के आधिकारिक नंबरों और प्लेटफॉर्म से संपर्क करें.

गर्मी में कितनी होगी मांग?

साथ ही बीएसईएस के अनुसार, 2025 की गर्मियों में दिल्ली की बिजली मांग पहली बार 9000 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है, जबकि इससे पहले, 2024 में यह मांग 8656 मेगावाट तक पहुंची थी और 2023 में दिल्ली में पहली बार गर्मी में बिजली की मांग ने 8 हज़ार मेगावाट का आंकड़ा पार हुआ था. 

बीएसईएस के मुताबिक़ उसकी दोनों वितरण कंपनियां—बीआरपीएल (BRPL) और बीवाईपीएल (BYPL)—दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और मध्य दिल्ली में 50 लाख से अधिक उपभोक्ताओं और 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को बिजली उपलब्ध करवा रही हैं.

कंपनी ने क्या कहा?

 – कुछ इलाकों में हाल ही में जो बिजली कटौती हुई, वह मेंटेनेंस और सुधार कार्यों की वजह से थी, ताकि गर्मियों में ओवरलोडिंग से बचा जा सके.
 – दिल्ली विश्वविद्यालय: पिछले एक हफ्ते में बिजली नहीं गई.
 – किराड़ी: पिछले हफ्ते सात बार एक-एक घंटे की कटौती हुई, ताकि गर्मियों में लोड बढ़ने से पहले सिस्टम को मजबूत किया जा सके.
 – रोहिणी सेक्टर 22: पॉकेट 11 और 12 में ट्रांसफार्मर बदलने के लिए छह घंटे की बिजली कटौती की गई.
 – बुराड़ी: पिछले हफ्ते नौ बार तीन-तीन घंटे की कटौती हुई, ताकि गर्मियों में बिजली सप्लाई सुचारु बनी रहे.

टाटा पावर-DDL की पूरी तैयारी
कंपनी ने कहा कि इस साल गर्मियों में उत्तरी दिल्ली में बिजली की मांग 2,562 मेगावाट तक पहुंच सकती है. इसे पूरा करने के लिए 2,850 मेगावाट तक की बिजली का इंतजाम किया गया है. पूरे दिल्ली में जून-जुलाई तक बिजली की मांग 9,000 मेगावाट तक जाने की संभावना है.

मेंटेनेंस में देरी की वजह ग्रैप प्रतिबंध
टाटा पावर-DDL ने बताया कि हर साल अक्टूबर से मार्च के बीच मेंटेनेंस का काम किया जाता है, लेकिन इस बार नवंबर-दिसंबर 2024 में ग्रैप (GRAP) प्रतिबंधों के कारण यह संभव नहीं हुआ. इसलिए मार्च 2025 में मेंटेनेंस और नेटवर्क अपग्रेडेशन के काम को पूरा किया गया.

साथ ही बीएसईएस ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि किसी भी तकनीकी समस्या या स्थानीय फॉल्ट की स्थिति में वे बीएसईएस से आसानी से संपर्क कर सकते हैं. कंपनी ने उपभोक्ताओं से 

दोनो ही कंपनियों  ने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया कि बिजली की सप्लाई सामान्य है और गर्मियों में भी कोई समस्या नहीं होगी. यदि किसी को कोई परेशानी हो तो वे सीधे टाटा पावर-DDL से संपर्क  कर सकते है. वहीं तकनीकी समस्या या स्थानीय फॉल्ट की स्थिति में वे बीएसईएस से आसानी से संपर्क कर सकते है. 

बिजली आपूर्ति की निगरानी के लिए विशेष ‘वॉर रूम’ बनाए गए हैं, जहां वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखते हैं और त्वरित निर्णय लेते हैं. इसके अलावा, बीएसईएस की फील्ड टीमें हाई अलर्ट पर हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रहे.

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