पश्चिमी माली में शनिवार को अवैध रूप से संचालित एक सोने की खदान के ढहने से कम से कम 48 लोग मारे गए. अधिकारियों और स्थानीय सूत्रों ने एएफपी को यह जानकारी दी है. बता दें कि माली अफ्रीका के अग्रणी स्वर्ण उत्पादकों में से एक है. यहां के खनन स्थल अक्सर घातक भूस्खलन और दुर्घटनाओं का शिकार होते रहते हैं. माली दुनिया के सबसे गरीब देशों में आता है.
पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रविवार शाम 6 बजे तक मरने वालों की संख्या 48 हो गई. कुछ पीड़ित पानी में गिर गए. उनमें से एक महिला भी थी जिसकी पीठ पर उसका बच्चा था.”
#Mali : exploitation de mine artisanale par les chinois.
Un drame est survenu ce 15 février 2025 à Bilalkoto, (kéniéba), dans une mine artisanale exploitée par les chinois, une machine CARTERPILLAR est tombée sur un groupe de femmes qui travaillaient dans un trou à la recherche… pic.twitter.com/jNe1pzeLDQ
— Ivoirowsky 🇨🇮 🌟🌟🌟 (@Ivoirowsky) February 16, 2025
पर्यावरण संगठन के प्रमुख ने एएफपी को बताया कि और लोगों की तलाश जारी है. पर्यावरण संगठन के प्रमुख ने एएफपी को बताया कि और लोगों की तलाश जारी है. शनिवार को हुआ हादसा एक बंद कर दी गई खदान पर हुआ, जिसे पहले एक चीनी कंपनी संचालित करती थी. एक स्थानीय अधिकारी ने नाम गुप्त रखते हुए शिन्हुआ से कहा कि कैटरपिलर मशीन कथित तौर पर एक खदान में गिर गई, जहां महिलाओं का एक समूह सोने की खोज में काम कर रहा था.
पिछले महीने 100 से अधिक मजदूरों की हुई थी मौत
बता दें कि पिछले महीने जनवरी में ही दक्षिण अफ्रीका की अवैध खदान में 100 मजदूरों की मौत के मामले ने सभी को झकझोर दिया था. खदान में फंसे ये मजदूर कई महीनों से भूख और प्यास से जूझ रहे थे. दक्षिण अफ्रीका के स्टिलफोंटेन शहर के निकट बफेल्सफोंटेन में स्थित सोने की खदानों में लगभग 100 मजदूर फंसे हुए थे. इन्हें बाहर निकालने के दौरान पता चला कि भूख और प्यास के कारण उनकी मौत हो चुकी है. इस घटना से जुड़ी जानकारी मजदूरों की ओर से मोबाइल फोन के जरिए भेजे गए वीडियो से मिली, जिसमें प्लास्टिक में लिपटे शव दिखाए गए हैं.
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