Ganesh Jayanti 2024 in February magh Vinayak Chaturthi shastrarth aspect of ganesh puja

नारद पुराण (पूर्वभाग चतुर्थ पाद अध्याय क्रमांक 113) अनुसार, माघ कृष्णा चतुर्थी को ‘संकष्टव्रत’ (संकष्टी) बतलाया जाता है. उसमें उपवास का संकल्प लेकर व्रती पुरुष सबेरे से चन्द्रोदय काल तक नियमपूर्वक रहें. मन को वश में रखें. चन्द्रोदय होने पर मिट्टी की गणेशजी की मूर्ति बनाकर उसे पीढ़े या चौकी (पाटे) पर स्थापित करें. गणेशजी के साथ उनके आयुध और वाहन भी होने चाहिए.

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