जितिया पर नोनी का साग और मडुआ की रोटी कैसे बनाएं

जीवित्पुत्रिका व्रत कल है और आज नहाय-खाय है। ये व्रत 24 घंटे निर्जला रह कर किया जाता है लेकिन, नहाय-खाय के दिन नोनी का साग और मडुआ की रोटी खाने की परंपरा रही है। नोनी का साग, विटामिन सी और हाई प्रोटीन से भरपूर होता है और इस मौसम में खूब आता है। इस साग को खाने से शरीर में गर्मी आती है और इम्यूनिटी बूस्ट होती है। तो, वहीं मडुआ की रोटी जिसे रागी की रोटी कहते हैं ये भी बनाया जाता है।

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