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क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने का सरकार का रोड मैप?

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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद अपने दो बड़े प्रण पूरा कर चुकी मोदी सरकार जल्द ही देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की अपनी तीसरी प्रतिबद्धता पूरी करने की दिशा में कदम बढ़ाना शुरू कर सकती है।

22वें विधि आयोग के गठन के साथ यह संकल्प पूरा करने की दिशा में अब 100 दिन का ही विंडो बचा है । वर्तमान विधि आयोग के सामने अन्य मामलों के अलावा यूसीसी के विधेयक का मसौदा तैयार करने की अहम जिम्मेदारी भी दी गई थी। वक्त सिर्फ सौ दिनों का बचा है ।

इस आयोग का गठन फरवरी 2020 में हुआ था और तीन साल के कार्यकाल के हिसाब से जस्टिस ऋतुराज अवस्थी के सामने फिलहाल फरवरी 2023 तक का कार्यकाल सामने है। हालाकि लम्बे वक्त तक आयोग के अध्यक्ष का पद खाली पड़ा था। यूसीसी का मकसद सब धर्मों के लोगों को समान अधिकार सुनिश्चित करना है। 21 वे विधि आयोग के कार्यकाल के दौरान यूनिफॉर्म सिविल कोड के बारे में एक व्यापक कन्सलटेशन पेपर तैयार हुआ था। उस पर देशभर से लोगों की प्रतिक्रिया, सुझाव, आपत्तियां और सिफारिशें प्राप्त हुईं। उन के आधार पर आयोग ने कुछ सवाल तैयार किए थे जिन पर लोगों की राय मांगी गई थीं। उस समय सुप्रीम कोर्ट में निजी कानूनों से जुड़े कई मामले सुप्रीम कोर्ट लंबित थे। इनमें कुछ केस हलाला, ट्रिपल तलाक और पारसी निजी कानून से भी जुड़े थे।

इसमें से कई मामलों पर फैसला आने के बाद अब बहुत सारे मामले वैसे ही सुलझ चुके है। सरकार के सूत्र बताते हैं कि यूसीसी का मकसद विभिन्न धर्मों के लोगों को समान अधिकार सुनिश्चित करना है। इंसाफ सबको बराबरी का मिले, यही तो सबका मकसद है और यूसीसी का उद्देश्य भी यही है। 22 वें विधि आयोग की नियुक्ति फरवरी, 2023 तक के लिए हुई है। यह अवधि पूरी होने पर सरकार 23 वें विधि आयोग की अधिसूचना जारी कर सकती है। मौजूदा चेयरपर्सन और बाकी सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाकर उन्हें ही 23 वें आयोग की जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।

यूसीसी लाने के दौरान ,कई कानूनों में बदलाव भी करना पड़ सकता है ,जैसे .क्रिश्चियन डाइवोर्स एक्ट 1869,डिजोल्यूशन ऑफ मुस्लिम मैरिज एक्ट 1939,हिंदू मैरिज एक्ट 1955,हिंदू एडोप्शन एंड मैंटेनेंस एक्ट 1956,पारसी मैरिज एंड डिवोर्स एक्ट,मुस्लिम पर्सनल लॉ.शरियत.एप्लीकेशन एक्ट,स्पेशल मैरिज एक्ट,फॉरेन मैरिज एक्ट

मोदी सरकार ने 2016 में समान नागरिक कानून की दिशा में ठोस पहल शुरु की थी। इसके बाद से तीन बड़े पहलुओं को इस कोड के अनुरूप बनाया जा चुका है। तीन तलाक को गैर कानूनी बनाया गया, विवाह की न्यूनतम उम्र को सभी धर्मों के लिए एक समान रखने का विधेयक तैयार किया गया।  जो इस समय संसद की स्थायी समिति के पास विचाराधीन है। विवाह के पंजीकरण के बारे में आंशिक कदम उठाया जा चुका है। इसके तहत सभी धर्मों के अनिवासी भारतीयों के विवाह पंजीकरण को अनिवार्य किया जा चुका है। बाकी सभी मामले में नए मसौदे में निर्णय लेना होगा ।

आपको बता दें,कानून मंत्रालय ने 17 जून 2016  को विधि आयोग के पास यूनिफॉर्म सिविल कोड का मामला भेजा था, 21 वें विधि आयोग ने नवम्बर 2016 में इस पर एक प्रश्नावली सार्वजनिक बहस के लिए जारी की।
प्रश्नावली पर राय देने का समय जून 2018 तक का था इसे इसे एक महीने के लिए बढ़ाया गया। इसपर आयोग को जनता से 75,378 सुझाव, राय, आपत्तियां, सिफारिशें प्राप्त हुईं। इसके बाद आयोग ने 185 पन्नों का  कन्सलटेशन पेपर जारी कर समान नागरिक संहिता के मकसद स्पष्ट किए थे।इसमें विवाह, तलाक, बच्चे की कस्टडी और गार्जियनशिप, बच्चा गोद लेने और रखरखाव संबंधी मुद्दों तथा उत्तराधिकार और वसीयत से जुड़े मामलों पर राय सामने आई।

आपको बता दें, इस बीच कई बीजेपी शासित राज्यो में चुनाव के दौरान यूसीसी बिल लाने का वायदा किया गया है। आने वाले समय में बड़े स्तर पर कई राज्यों में इससे जुड़े फैसला होगा, देश भर से इसकी मांग भी उठ सकती है । उसके बाद केंद्र सरकार,राज्यो की मांग के आधार पर केंद्र स्तर पर यानि की देश भर के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक के तौर पर संसद में ला सकती है।

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जोशीमठ में आफत लेकर आई बारिश, रिलीफ कैंपस पहुंचे सीएम धामी तो रो पड़े लोग

रिलीफ कैंपस पहुंचे सीएम धामी तो रो पड़े लोग

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Joshimath Sinking: जोशीमठ में हालात और खराब हो गए हैं। सरकार की तरफ से अभी तक ऐसे इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे लोगों की दिक्कतें कम हो। ऐसे में बारिश एक नई तरह की टेंशन लेकर आई है। मौसम ने सबकी चिंता को और बढ़ा दिया है। जो दरारें घरों में बनी हैं वह और बढ़ सकती है। पूरे इलाकों को रेड जोन घोषित कर दिया गया है। माकानों को चिन्हित कर उन्हें खाली कराए जा रहे हैं। इस बीच सीएम धामी जब राहत कैंप पहुंचे तो उन्हें गुस्सा का सामना करना पड़ा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार सुबह जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में पूजा अर्चना की। सीएम धामी बुधवार रात से ही जोशीमठ में हैं। उन्होंने बीती रात अलग-अलग राहत कैंपों में जाकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने रिलीफ कैंपस में पहुंचकर लोगों की समस्याएं जानी और उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन किया।रिलीफ कैंप में खुद सीएम पुष्कर सिंह धामी को अपने बीच देख कई महिलाएं रोने लगीं। लोगों ने मुख्यमंत्री से तुरंत सहायता की अपील की।

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दिल्ली से लेकर यूपी-बिहार तक बारिश का अलर्ट

Weather Update

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Weather Update: दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में गुरुवार को भीषण शीतलहर से राहत मिली। आज सुबह क्षेत्र में कोहरा कम होने से एनसीआर में दृश्यता में सुधार हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित उत्तरी भारत में कोहरे की स्थिति में वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ और परिणामस्वरूप तेज सतही हवाओं के कारण काफी सुधार हुआ है।

इसके साथ ही अब भारत मौसम विज्ञान (IMD) ने कई राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। राजधानी दिल्ली में भी मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिला है। न्यूनतम तापमान अब बढ़ने लगा है। तेज हवाओं के साथ हल्कि बूंदा-बांदी का दौर जारी है।

उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिमी डिस्टर्बेंस की वजह से उत्तर भारत में मौसम करवट ले सकता है। दिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले चार दिनों तक शीतलहर से राहत रहेगी। इसके बाद एक बार फिर मौसम के बदलने की संभावना है। बादल छाए रहने और हल्की बारिश के बीच गुरुवार को राजधानी में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है।

दिल्ली में हल्की बारिश का अनुमान

आईएमडी ने बुधवार को कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाले मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राष्ट्रीय राजधानी में अगले दो दिनों तक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश होगी। उसी दिन, घने कोहरे की चादर ने दिल्ली में सुबह दृश्यता को घटाकर केवल 50 मीटर कर दिया, जिससे वाहनों और ट्रेनों की आवाजाही बाधित हो गई। आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा, “घने से बहुत घने कोहरे की एक परत पंजाब से लेकर बिहार, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है।” कोहरे के कारण 95 ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जबकि आईजीआई हवाईअड्डे पर उड़ानें प्रभावित हुई हैं।

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15 जनवरी को एक ओर Vande Bharat ट्रेन को हरी झंड़ी दिखाएंगे पीएम मोदी

Vande Bharat

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Vande Bharat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 जनवरी को सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन से वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को वर्चुअली हरी झंडी दिखाएंगे। जानकारी के मुताबिक यह देश की आठवीं वंदे भारत ट्रेन होगी। इससे पहले नई दिल्ली-वाराणसी, नई दिल्ली-वैष्णो देवी, गांधीनगर-मुंबई, चेन्नई-मैसूर समेत अन्य रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाती है।

बता दें वंदे भारत ट्रेन में ऑटोमेटिक स्लाइट डोर लगे हुए होते हैं। इसके हर गेट के बाहर ऑटोमेटिक फुट रेस्ट भी होता है। वंदे भारत ट्रेन की सीटें पैसेंजर्स की सुविधा के लिए रीक्लाइनिंग होती हैं। हर सीट के नीचे चार्जिंग प्वाइंट्स भी दिए गए होते हैं। ट्रेन में पैसेंजर्स के एंटरटेनमेंट का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। इसमें 32 इंच की टीवी स्क्रीन भी लगी हुई होती है। इस ट्रेन की ऑपरेशनल स्पीड 160 किमी प्रति घंटा है।

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