Anurag Thakur Manthan 2024 केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने विपक्ष को दी खुली चुनौती कहा ईवीएम हैक करके दिखाएं

Anurag Thakur Manthan 2024: ईवीएम को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। खासकर चुनावी माहौल में ईवीएम ज्यादातर विपक्षी पार्टियों का मुख्य एजेंडा बन चुकी है। मगर अब केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने ईवीएम के मुद्दे पर विपक्ष को खुली चुनौती दे दी है।

मंथन में पहुंचे अनुराग ठाकुर

दरअसल केंद्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने न्यूज 24 के मंथन शो में शिरकत की थी। इस दौरान न्यूज 24 की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद से बातचीत के दौरान अनुराग ठाकुर ने कई राजनीतिक मुद्दों पर बात की। वहीं ईवीएम का जिक्र आते ही अनुराग ठाकुर ने पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का शुक्रिया अदा किया और फिर विपक्षियों को ईवीएम हैक करने की चुनौती दे डाली।

राजीव गांधी को सराहा

ईवीएम पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि, राजीव गांधी जी ईवीएम को लाए थे। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। देश के लिए उन्होंने बहुत काम किया। बस राहुल गांधी जी थोड़ा मान लें। आधार भी सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ही लाए थे। बैंकों का राष्ट्रीयकरण भी इंदिरा गांधी ने किया था लेकिन 51 करोड़ बैंक खाते हमने खोले हैं।

ईवीएम फिक्सिंग पर दिया जवाब

ईवीएम की फिक्सिंग पर बात करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि, ईवीएम की फिक्सिंग बहुत गंभीर आरोप है। यह सब कुछ नहीं होता, जहां शहद होगा मधुमक्खियां वहीं दिखेंगी। ईवीएम के घोटालों पर बात करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि, कुछ राजनीतिक दलों ने सड़क पर चलते हुए लोगों को दिखाया कि ईवीएम हैक हो सकती है। मगर जब चुनाव आयोग ने कहा कि हमारे दफ्तर में आइए और दुनिया के किसी भी व्यक्ति को लेकर आइए जो ईवीएम को हैक करके दिखाए। ऐसे में किसी भी राजनीतिक दल का प्रतिनिधि चुनाव आयोग के पास नहीं गया। क्योंकि सबको पता था कि विपक्षी दलों का झूठ वहां फ्लैट हो जाएगा।

विपक्ष को दी चुनौती

अनुराग ठाकुर ने कहा कि, ईवीएम तब भी सुरक्षित थी और आज भी सुरक्षित है। ना तब हैक होती थी ना आज हैक होती है। आज मैं देश के नेशनल चैनल पर देश के सभी राजनीतिक दलों को खुली चुनौती देता हूं कि अगर उन्हें लगता है कि ईवीएम में कुछ किया जा सकता है तो उनको चुनाव आयोग का न्योता पहले भी था और आज भी है। अनुराग ठाकुर का कहना है कि, अगर न्यायालय ईवीएम पर कोई फैसला सुनाएगा तो हम उसे जरूर मानेंगे, जिस तरह हमने चुनावी बॉन्ड का फैसला भी माना था। न्यायालय ने कहा कि चुनावी बॉन्ड में पारदर्शिता होनी चाहिए और हमने ये बात एक्सेप्ट की।

 

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