First it was said that Mukhtar had a heart attack in jail then it was said in the hospital questions were raised in the court due to two different statements

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बाराबंकी में फर्जी एम्बुलेंस के पंजीकरण कराने के मामले में दर्ज गैंगस्टर के मुकदमे में गुरुवार को पेशी हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने बांदा जिला अस्पताल में मुख्तार की हार्ट अटैक से मौत होने की बात कही जिस पर मुख्तार के वकील ने कहा कि पहले जेल में हार्ट अटैक कहा गया था अब जिला अस्पताल में। ऐसे में दो तरह के बयान मुख्तार की मौत पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि आठ अप्रैल निर्धारित की है। 

अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन ने बीते 29 मार्च को अदालत में पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की मौत पर सवाल उठाते हुए दिए गए प्रार्थना पत्र में मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट पर फर्जी पते पर एम्बुलेंस के पंजीकरण कराने के मामले को लेकर दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने बांदा अस्पताल में इलाज के दौरान हार्टअटैक से मुख्तार की मौत होने की बात कहते हुए मुख्तार के अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र को खारिज किए जाने की गुहार लगाई। जिस पर मुख्तार के अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन ने मुख्तार की मौत पर सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने कोर्ट में कहा कि इससे पहले जेल प्रशासन ने कहा था कि जेल के अंदर हार्ट अटैक पड़ा था। अब कहा जा रहा है कि जिला अस्पताल में हार्ट अटैक पड़ा। इस प्रकार से इस मामले में दो तरह की बाते अपने आप में ही कई तरह के सवाल खड़े करती हैं। 

दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद न्यायालय ने उक्त मुकदमे की सुनवाई के लिए अगली तिथि आठ अप्रैल निर्धारित की है। अदालत की कार्यवाही के दौरान जफर उर्फ चंदा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हाजिर रहा। अन्य अभियुक्तों की हाजिरी माफी दी गई।

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