Why Muslim League flags hidden Uproar over Rahul Gandhi roadshow Smriti Irani attacked in Wayanad too – India Hindi News

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लोकसभा चुनाव से पहले मुस्लिम लीग के झंडे को लेकर सियासत शुरू हो गई है। वायनाड से पर्चा दाखिल करने के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रोड शो किया था। इस रोड शो के दौरान मुस्लिम लीग का झंडा नदारद दिखा। अब मुस्लिम लीग के झंडे को लेकर वामपंथ और दक्षिणपंथ दोनों ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गुरुवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह पार्टी की सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) से शर्मिंदा हैं, वायनाड जिले में उनके रोड शो के दौरान मुस्लिम लीग का झंडा शामिल नहीं किया गया था। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि अगर उन्हें आईयूएमएल से शर्म आती है, तो उन्हें उनका समर्थन अस्वीकार कर देना चाहिए।

मुस्लिम लीग के झंडे को लेकर शुरू हुई शियासत

उधर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को वायनाड में राहुल गांधी की रैली में कांग्रेस के साथ-साथ मुस्लिम लीग के झंडे गायब होने पर कांग्रेस की आलोचना की। विजयन ने कहा, “कल ही कांग्रेस के शीर्ष नेता ने वायनाड से अपना नामांकन दाखिल किया था। इसके तहत एक रोड शो हुआ था। स्वाभाविक रूप से उनके समर्थक उनके साथ थे। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह थी कि उनकी पार्टी का झंडा वहां नहीं था। वे ऐसा रुख क्यों अपना रहे हैं कि ‘हमें मुस्लिम लीग के वोट चाहिए, लेकिन उनके झंडे नहीं’? कांग्रेस इतनी नीचे कैसे गिर गई कि उसने मुस्लिम लीग के झंडे को दुनिया से छिपाने के लिए अपना झंडा भी छिपा लिया?”

उल्लेखनीय है कि मुस्लिम लीग केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ के साझेदारों में से एक है और केरल विधानसभा में इसकी 15 सीटें हैं। जाहिर है इससे केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का भड़कना लाजमी है, क्योंकि यह सभी पार्टियां इंडिया अलायंस का हिस्सा है।

वायनाड में भी राहुल पर स्मृति ईरानी हमलावर

वहीं स्मृति ईरानी ने कहा कि कि वह इस बात से हैरान हैं कि उन्होंने कथित तौर पर प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की राजनीतिक शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) का समर्थन स्वीकार कर लिया है। वायनाड लोकसभा सीट से भाजपा के राज्य प्रमुख के सुरेंद्रन के नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “उनका समर्थन स्वीकार करके उन्होंने (राहुल गांधी ने) नामांकन दाखिल करते समय ली गई संविधान की शपथ का भी उल्लंघन किया है।”

ईरानी ने यह भी सवाल किया कि इंडिया गठबंधन का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन है और क्या गांधी उस पद के लिए स्वीकार्य विकल्प थे। उन्होंने कहा, “तो यह एक ऐसा गठबंधन है जिसमें कोई नेता नहीं है, कोई नीति नहीं है और इसकी नीयत लूटना है, जिसे भारत का हर नागरिक जानता है।” ईरानी ने यह भी दावा किया कि इंडिया गुट बिखरा हुआ है क्योंकि गठबंधन के भीतर सहयोगी – कांग्रेस और वामपंथी – वायनाड लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के साथ-साथ पूरे राज्य में एक-दूसरे के साथ लड़ाई में थे।

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