Google is reportedly working on Satellite Messaging Feature android users | Google ला रहा कमाल का फीचर, Android यूजर्स बिना मोबाइल नेटवर्क के भी भेज पाएंगे मैसेज

Google Message- India TV Hindi

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Google Message Satellite messaging feature

Android यूजर्स जल्द बिना किसी मोबाइल नेटवर्क के भी अपने स्मार्टफोन से मैसेज भेज सकेंगे। गूगल ऐसे ही कमाल के फीचर पर पिछले कुछ समय से काम कर रहा है। गूगल के इस फीचर को हाल ही में बीटा टेस्टिंग के दौरान देखा गया है। टेक कंपनी अपने इस फीचर को सैटेलाइट मैसेजिंग सर्विस के नाम से ला सकती है। इस सैटेलाइट मैसेजिंग फीचर के आने से यूजर्स बिना किसी एक्टिव मोबाइल नेटवर्क के ही अपने फोन से मैसेज भेज पाएंगे।

सैटेलाइट मैसेजिंग फीचर

Google Message में सैटेलाइट मैसेजिंग फीचर के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल Gemini AI को भी इंटिग्रेट किया जाएगा। इसके बाद यूजर्स अपने Android स्मार्टफोन में मैसेज भेजते समय जेमिनी एआई से सजेशन ले सकेंगे। गूगल के सैटेलाइट मैसेजिंग फीचर को सबसे पहले 9To5Google वेबसाइट ने स्पॉट किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल मैसेज से लेटेस्ट बीटा वर्जन 20240329_01_RC00 में सैटेलाइट मैसेजिंग फीचर को देखा गया है। इस वर्जन के कोडिंग स्ट्रिंग में तीन अलग-अलग फीचर के बारे में बताया गया है, जिनमें मैसेज भेजने और रिसीव करने, क्लिअर व्यू के साथ स्टे आउटसाइड और सैटेलाइट मैसेजिंग जैसी जानकारियां शामिल हैं। हालांकि, सैटेलाइट मैसेजिंग फीचर के जरिए यूजर्स फोटो और वीडियो को नहीं भेज पाएंगे।

गूगल मैसेज के लिए इस फीचर को इमरजेंसी सर्विस यानी SOS की स्तिथि के लिए जोड़ा जाएगा। यूजर्स अगर किसी आपात की स्तिथि में है और वहां मोबाइल नेटवर्क मौजूद नहीं है, तो भी वो इस सर्विस का इस्तेमाल करके मदद मांग सकेंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि Google की यह सैटेलाइट मैसेजिंग सर्विस iPhone की सैटेलाइट कनेक्टिविटी फीचर से अलग होगी। 

कैसे करेगा काम?

Apple की सैटेलाइट कनेक्टिविटी फीचर में यूजर्स आपात की स्तिथि में इमरजेंसी सर्विस, रोडसाइड असिस्टेंस और लोकेशन शेयरिंग ही कर सकते हैं। Google के इस फीचर के जरिए यूजर्स इमरजेंसी की स्तिथि में किसी से कन्वर्सेशन भी कर सकेंगे। यूजर्स अपने स्मार्टफोन में मौजूद इमरजेंसी कॉन्टैक्ट के साथ सैटेलाइट मैसेजिंग के जरिए बातचीत कर सकेंगे। गूगल का यह फीचर कब रोल आउट किया जाएगा, यह फिलहाल साफ नहीं है। उम्मीद की जा रही है कि Android 15 के स्टेबल वर्जन तक इस फीचर को टेस्ट कर लिया जाएगा।

 

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