vastu tips according to vastu shastra dining table should be kept in which direction of the house

वास्तु शास्त्र के नियम का पालन करना एक अच्छे जीवन के लिए बहुत ज्यादा महत्वपू्र्ण है. इससे घर में पॉजीटिवीटी आती है और नकारात्मकता को दूर करने में सफल होते हैं.

वास्तु शास्त्र के नियम का पालन करना एक अच्छे जीवन के लिए बहुत ज्यादा महत्वपू्र्ण है. इससे घर में पॉजीटिवीटी आती है और नकारात्मकता को दूर करने में सफल होते हैं.

घर में डाइनिंग रखते समय इस बात का खास ख्याल रखें कि डाइनिंग हमेशा किचन (रसोई) के पास होनी चाहिए. डाइनिंग रूम के दक्षिण (South), पश्चिम (West) या पूर्व (East) दिशा में रसोई से जुड़ा होना चाहिए.

घर में डाइनिंग रखते समय इस बात का खास ख्याल रखें कि डाइनिंग हमेशा किचन (रसोई) के पास होनी चाहिए. डाइनिंग रूम के दक्षिण (South), पश्चिम (West) या पूर्व (East) दिशा में रसोई से जुड़ा होना चाहिए.

डाइनिंग को कभी भी घर के मेन के गेट के पास नहीं होना चाहिए, मुख्य द्वार या गेट के पास डाइनिंग को बिलकुल भी ना रखें. इसको शुभ नहीं माना जाता है.

डाइनिंग को कभी भी घर के मेन के गेट के पास नहीं होना चाहिए, मुख्य द्वार या गेट के पास डाइनिंग को बिलकुल भी ना रखें. इसको शुभ नहीं माना जाता है.

वास्तु के अनुसार घर में डाइनिंग टेबल के लिए पश्चिम (West) दिशा सबसे अच्छी मानी जाती है. इसके अलावा, डाइनिंग टेबल को दक्षिण-पूर्व (West-East) दिशा में भी रखा जा सकता है.

वास्तु के अनुसार घर में डाइनिंग टेबल के लिए पश्चिम (West) दिशा सबसे अच्छी मानी जाती है. इसके अलावा, डाइनिंग टेबल को दक्षिण-पूर्व (West-East) दिशा में भी रखा जा सकता है.

वास्तु के मुताबिक, डाइनिंग टेबल को कभी भी दक्षिण (South) या दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा में नहीं रखना चाहिए. दक्षिण (South) दिशा की ओर मुंह करके खाने से रोग आते हैं और झगड़े बढ़ते हैं. साथ ही डाइनिंग हमेशा खुली जगह पर होनी चाहिए.

वास्तु के मुताबिक, डाइनिंग टेबल को कभी भी दक्षिण (South) या दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा में नहीं रखना चाहिए. दक्षिण (South) दिशा की ओर मुंह करके खाने से रोग आते हैं और झगड़े बढ़ते हैं. साथ ही डाइनिंग हमेशा खुली जगह पर होनी चाहिए.

Published at : 02 Apr 2024 07:00 PM (IST)

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