आसान नहीं है ‘ग्लोबल फर्स्ट’ बनना, करनी पड़ती है काफी मशक्कत: SEBI चीफ माधबी पुरी बुच

भारत को T+0 सेटलमेंट यानी सौदे वाले दिन ही कारोबार निपटान लागू करने की उपलब्धि हासिल करने में बहुत सारी समस्याओं का समाधान करना पड़ा। साथ ही व्यक्तिगत स्तर पर असुविधाएं भी हुईं। यह बात सेबी (Securities and Exchange Board of India) चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) ने कही। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर सबसे पहले कुछ हासिल करने लिए काफी मशक्कत करनी होती है और यह ठीक वैसा ही है जैसा कि ‘प्याज की परत-दर-परत’ उतारना।

बुच, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद (IIMA) के वार्षिक दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रही थीं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीयों की वर्तमान पीढ़ी, नए भारत को नई ऊंचाई पर देखने की राह पर है। शेयर बाजार बीएसई और एनएसई ने 28 मार्च को चुनिंदा शेयरों के लिए वैकल्पिक आधार पर T+0 सेटलमेंट का ‘बीटा’ वर्जन लॉन्च किया। यह सेटलमेंट फिलहाल 25 सिक्योरिटीज में लेनदेन में इस्तेमाल किया जा सकता है।

एक के बाद एक प्रॉब्लम सुलझाने से आखिर में नहीं बचती कोई प्रॉब्लम

IIMA के छात्रों को संबोधित करते हुए बुच ने कहा, ‘मेरे सहकर्मी अक्सर मुझसे कहते हैं कि मेरे साथ समस्या का समाधान करना प्याज की परत-दर-परत उतारने जैसा है। इस प्रक्रिया में हर किसी के लिए समस्या होती है। लेकिन जब आप प्याज की परत-दर-परत छीलते हैं, तो आपको अचानक एहसास होता है कि कोई समस्या बची नहीं है।’

आगे कहा, ‘जब भारत T+1 सेटलमेंट में जाने वाला दुनिया का पहला बड़ा बाजार बन गया, और अभी दो दिन पहले जब हमने वैकल्पिक T+0 सेटलमेंट लाइव किया, तो प्रक्रिया लगभग वैसी ही महसूस हुई। ‘ग्लोबल फर्स्ट’ बनने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।’

‘सही काम करो, चाहे कितना भी कठिन क्यों न हो’

SEBI चेयरपर्सन बुच ने कहा, ‘मेरा मंत्र बहुत सरल है। सही काम करो, चाहे कितना भी कठिन क्यों न हो। कोई कसर न छोड़ें, चाहे कितनी भी मुश्किल क्यों न हो। इसमें अद्भुत बात यह है कि 10 में से 8 बार आप वास्तव में सफल होते हैं। और 2 बार जब आप ऐसा नहीं कर पाते, तो आपको बिल्कुल भी पछतावा नहीं होता।’ बुच ने कहा कि छात्र आगे बढ़ने के लिए अपना खुद का का मंत्र खोजेंगे। फिर उस मंत्र के साथ काम करना उनके लिए आसान होगा। सेबी प्रमुख छात्रों से यह भी कहा कि अगर उन्हें अपनी यात्रा सहज और सुखद लगती है तो वे ज्यादा न सोचें। बस फ्लो के साथ आगे बढ़ते चलें।

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